10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम: बोर्ड परीक्षा में नहीं मिलेगी सप्लीमेंट्री कॉपी, क्या है नए नियम

इंदौर: माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू होंगी। इस बार विद्यार्थियों को मुख्य उत्तर पुस्तिका में प्रश्नपत्र हल करना होगा। यह उत्तर पुस्तिका 32 पेज की होगी। अभी तक 20 पेज की उत्तर पुस्तिका दी जाती थी। उत्तर पुस्तिका के पहले पेज पर बार कोड होगा। विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री कॉपी नहीं मिलेगी। एमपी बोर्ड परीक्षा को लेकर सोमवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सिलाई खुली हुई उत्तर पुस्तिका को नकल प्रकरण में दर्ज किया जाएगा। बैठक में परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। इस बार 10वीं-12वीं की परीक्षा में 16.61 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा में 45 हजार अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी शामिल होंगे। 

उत्तर पुस्तिका की सिलाई फटी मिली तो नकल प्रकरण दर्ज 

एमपी बोर्ड परीक्षा में नकल पर रोक लगाने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रश्न पत्रों के बंडल थाने से बाहर निकालने और वितरित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रश्न पत्र के साथ ही उत्तर पुस्तिकाएं क्रमवार वितरित की जाएंगी। यदि उत्तर पुस्तिका की सिलाई फटी या टूटी हुई है या उत्तर पुस्तिका में पृष्ठ कम हैं तो उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा, बल्कि इसे नकल का मामला मानकर केस दर्ज किया जाएगा।

सामाजिक विज्ञान में अंक प्राप्त करना आसान

10वीं की परीक्षा में सामाजिक विज्ञान में विद्यार्थी आसानी से अंक प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थियों को 3 घंटे में 23 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। पिछले साल रिजल्ट 72.2% रहा था। मेधावी विद्यार्थियों ने 90 से अधिक अंक प्राप्त किए थे। विद्यार्थी कुछ बातों का ध्यान रखकर परीक्षा में अच्छा अंक प्राप्त कर सकते हैं। परीक्षा में मानचित्र कार्य 4 अंक का होता है। इसमें विद्यार्थी गलतियां कर सकते हैं। यदि विद्यार्थियों को राज्यों और उनकी विशेषताओं का ज्ञान है तो वे पूरे अंक प्राप्त कर सकते हैं। इसमें राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा, भारत में राष्ट्रवाद पर अध्याय और परिवहन से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। विद्यार्थियों को कृषि से संबंधित प्रश्न अवश्य पढ़ने चाहिए।

इन बातों का रखना होगा ध्यान

अध्याय के अंत में दिए गए बिंदुओं को पढ़ें। मानचित्र कार्य पर ध्यान दें। इसके लिए पूरे अंक दिए जाते हैं। हिंदी में निबंध और पत्र लेखन के लिए पूरे अंक दिए जाते हैं।

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