इजराइल से आज 224 भारतीय नागरिक लौटे:भारतीय दूतावास ने ईरान में ऑपरेशन सिंधु बंद किया,

ऑपरेशन सिंधु के तहत बुधवार सुबह 224 भारतीय नागरिक इजराइल से भारत लौटे। ईरान-इजराइल के तनाव के बीच दोनों देशों से अब तक 3394 भारतीयों को भारत लाया जा चुका है। इससे पहले 24 जून की रात 12.01 बजे 282 भारतीयों को लेकर एक फ्लाइट मशहद से दिल्ली पहुंची थी।

उधर, भारतीय दूतावास ने मंगलवार देर रात बताया था कि ईरान और इजराइल के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान शुरू किए गए भारतीयों को निकालने के अभियान को बंद कर रहे हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच युद्ध विराम हो गया है। दूतावास ने इवैक्युएशन (लोगों को निकालने) के लिए नए नामों को रजिस्टर करने के लिए खोली गई डेस्क को बंद कर दिया।

हालांकि, X पर एक पोस्ट में दूतावास ने लिखा कि भारत ईरान के हालात पर बारीकी से नजर रख रहा है और अगर वहां मौजूद भारतीयों को किसी भी तरह का खतरा होता है तो हम अपनी रणनीति में बदलाव करेंगे।

भारत ने दोनों देशों के बीच बढ़ती दुश्मनी को देखते हुए, ईरान और इजराइल से भारतीयों को वापस लाने के लिए पिछले हफ्ते ऑपरेशन सिंधु शुरू किया था।

दूतावास ने कहा- जो जहां हैं वहीं रहें, हालात पर नजर रखें

भारतीय दूतावास ने X पर लिखे पोस्ट में मशहद के लिए निकलने की प्लानिंग कर रहे भारतीयों को सलाह दी कि वे जहां हैं, वहीं रहें और खबरों पर नजर रखें। दूतावास ने पहले से होटल में रह रहे लोगों से कहा कि वे मशहद की सद्र होटल में चले जाएं, क्योंकि मिशन बाकी होटलों में कमरे खाली कर देगा।

पोस्ट में कहा गया है, "दूतावास सद्र होटल में कमरों को 2 और रातों (26 जून को चेकआउट समय तक) के लिए अपने पास रखेगा। इससे नागरिकों को यह सुनिश्चित करने का समय भी मिलेगा कि ईरान में हालात सामान्य हो रहे हैं।"

बयान में यह भी बताया गया कि यदि किसी भारतीय को सलाह या सहायता की जरूरत है, तो वे टेलीग्राम चैनल या हेल्पलाइन के जरिए संपर्क कर सकते हैं। ये चैनल अगले कुछ दिनों तक खुले रहेंगे।

पढ़ें, भारत पहुंचे लोगों ने क्या कहा…

ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से लाए गए यूपी के सैयद आदिल मंसूर ने कहा- वहां हालात सामान्य हैं, भारतीय दूतावास ने हमारा बहुत साथ दिया और ग्राउंड स्टाफ ने भी बहुत मेहनत की है। मैं उनका आभारी हूं।

एक और भारतीय नागरिक ने कहा कि 2-4 दिन पहले हालात पूरी तरह से अप्रत्याशित थे, अब स्थिति बेहतर है। भारतीय दूतावास ने हमारे लिए व्यवस्था की। हमें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।


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