रायपुर में 3 सफाईकर्मियों की मौत,आयोग बोला- ये मैनुअल स्कैवेंजिंग:कहा- SC-ST एक्ट में एक्शन हो
रायपुर, रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में मंगलवार को सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे 3 सफाईकर्मियों की मौत हो गई थी। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने इस घटना को मैनुअल स्कैवेंजिंग का मामला बताया। कहा कि यह कानूनन प्रतिबंधित होने के बावजूद कराई गई।
हरदीप गिल ने पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले में SC/ST एक्ट और मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट के तहत FIR दर्ज किया जाए। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, चाहे वह अस्पताल प्रबंधन का कर्मचारी हो या कोई बड़ा अधिकारी।
अस्पताल प्रबंधन और अधिकारियों की ली मीटिंग
हरदीप सिंह गिल ने रामकृष्ण केयर अस्पताल और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि, मामले को लेकर दिल्ली स्थित आयोग को विभिन्न राज्यों से शिकायतें भी मिली थीं, जिसके आधार पर आयोग की टीम रायपुर पहुंची।
उन्होंने कहा कि, आयोग ने नगर निगम प्रशासन और संबंधित विभागों को हिदायत दी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और मैनुअल स्कैवेंजिंग कानून के प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर गिल ने कहा कि, अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कराने को लेकर चर्चा हुई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी चाहे वह छोटा कर्मचारी हो या बड़ा अधिकारी।
3 परिवारों में मातम छाया
दैनिक भास्कर की टीम जब भाठागांव की बीएसयूपी कॉलोनी में मृतकों के घर पहुंची तो रोती बिलखती मां अपने बेटे की याद में गमगीन दिखी, बहन अपने भाई को याद कर रो रही थी, पत्नी अपने पति के दुख में मानो सदमें में चली गई।
घर का सबसे छोटा बच्चा ही हमें छोड़ गया
प्रशांत अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके दो बड़े भाई और 2 बड़ी बहनें हैं। भास्कर टीम जब भाठागांव के बीएसयूपी कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंची तो देखा कि उसका घर सूना था। परिजन उसके घर के सामने गमगीन बैठे थे। दोनों बड़े भाई मेकाहारा बॉडी लेने गए थे, वहीं मां और दोनों बड़ी बहनों के आंख से आंसू रुक नहीं रहे थे।
मां यही कहती रही कि अब पानी पी पीकर कितना भी रो लूं, अब तू कभी वापस नहीं आएगा। बड़ी बहन ने बताया कि उसके पति किशन ने ही रामकृष्ण अस्पताल में काम ठेका में लिया था, उन्हें पहले कहा गया था कि छोटा गड्ढा है, मालूम नहीं था इतना बड़ा होगा।
प्रशांत के घर के पीछे ही अनमोल का घर है। टीम वहां पहुंची तो देखा अनमोल की मां, अनमोल की पत्नी अपने 4 महीने के बच्चे को लेकर मानो सदमे में थी। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि अब उसका पति कभी लौटकर नहीं आएगा।
उसने बताया कि साढ़े 7 बजे वह घर से निकला था, उसने बताया भी नहीं कि रामकृष्ण अस्पताल में काम करने जा रहा है। अब वह लौटकर नहीं आएगा, मेरा बेटा भी अब अपने पिता को कभी देख नहीं पाएगा।
गोविंद अपने घर में अकेला कमाने वाला, अब वही नहीं
टीम जब गोविंद के घर पहुंची तो देखा कि वहां परिवार वाले गोविंद के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। वहीं उसके पिता एक कोने में गमगीन बैठे थे, गोविंद की मां अपने बेटे को याद कर रो रही थी, पत्नी, बहनें और उसकी दो बेटियां जो अभी 11-13 साल की हैं, सभी के आंखों में आंसू और अस्पताल प्रबंधन के लिए गुस्सा नजर आ रहा था।
गोविंद के पिता का कुछ महीने पहले ही एक्सीडेंट हुआ था, जिससे वह चल नहीं पाते। उसके छोटे भाई का 6 महीने पहले देहांत हो गया था। अब गोविंद के जाने के बाद से उनके घर में कमाने वाला कोई नहीं था। बहन कहती रही कि अस्पताल की लापरवाही ने एक अकेले कमाने वाले को छीन लिया।
निगम का निर्देश, मेन्युअल टैंक सफाई पूरी तरह बैन
घटना के दूसरे दिन बुधवार को नगर निगम रायपुर ने मेन्युअल स्कैवेंर्जिंग के संबंध में जरूरी निर्देश जारी किए। निगम की ओर से जारी सूचना के अनुसार मैनुअल स्कैवेंजिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निगम ने रायपुरवासियों से अपील भी की है कि वे इस प्रथा को रोकने में सहयोग करें। ऐसी कोई भी जानकारी होने पर तुरंत इसकी सूचना नगर पालिका निगम रायपुर को दें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 14420 या निदान-1100 के साथ कलेक्टर कॉल सेंटर पर संपर्क कर सकते हैं।
