होम स्टे में खजुराहो और ओरछा से आगे निकला उज्जैन

सावन मास तक इंदौर रीजन में और होम स्टे बढऩे की उम्मीद
चार कैटेगरी में पर्यटन बोर्ड पूरे प्रदेश में चला रहा योजना

उज्जैन। पर्यटन विभाग की प्रदेशभर में चल रही होम स्टे योजना में उज्जैन प्रदेश के सभी शहरों से आगे निकल गया है। उज्जैन में 34 होम स्टे रजिस्टर्ड हो गए हैं। सावन मास से पहले, यानी अगले महीने के शुरुआती दो सप्ताह तक ये आंकड़ा 50 तक जाने की संभावना है।
उज्जैन में महालोक शुरू होने के बाद वहां एकाएक श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा फायदा यहां के लोगों को हो रहा है, जो यहां अलग-अलग तरह का व्यवसाय कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए पर्यटन बोर्ड ने यहां होम स्टे पंजीयन को लेकर विशेष कैंप आयोजित किए थे, जिसके बाद कई लोगों ने इसमें रुचि दिखाई। सबसे खास बात ये रही कि इंदौर रीजन में आने वाला उज्जैन बेहद कम समय में प्रदेश के अन्य शहरों से होम स्टे की संख्या के मामले में आगे निकल गया। उज्जैन में सबसे ज्यादा 34, भोपाल में 28, इंदौर में 26, ओरछा में 24 और खजुराहो में 20 होम स्टे चारों कैटेगरी में पंजीकृत हुए हैं, जबकि पहले खजुराहो, ओरछा और भोपाल संख्या में सबसे आगे थे। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन की 2010 में मध्यप्रदेश राज्य बेड एवं ब्रेकफास्ट योजनाÓ नाम से शुरू हुई इस योजना को नए सिरे से संशोधन के बाद टूरिज्म बोर्ड होम स्टेÓ नाम से लेकर आया है, जो पूरे प्रदेश में लागू की गई है।

चार कैटेगरी में हुए 225 पंजीयन
पर्यटन विभाग स्थानीय लोगों की अतिरिक्त आय और आने वाले पर्यटकों को किफायती दाम में रहने, स्थानीय संस्कृति और स्थानीय खान-पान उपलब्ध करवाने के हिसाब से इस योजना को चला रहा है। प्रदेश के कई शहरों में होम स्टे और गांवों में ग्राम स्टे के अलावा दो अन्य कैटेगरी फॉर्म स्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना नाम से पंजीयन किए जाते हैं। पूरे प्रदेश में विभाग के पास चारों कैटेगरी में 225 पंजीयन हो चुके हैं, जो विभाग की वेबसाइट पर मौजूद हैं। नियम और शर्तें पूरी होने पर तीन साल के लिए विभाग इसका पंजीयन करता है। विभाग लोगों को इससे जोडऩे और प्रक्रिया आसान करने के लिए आवेदन भी ऑनलाइन मंगवा रहा है।

एक हफ्ते की हुई ट्रेनिंग
हाल ही में भोपाल में मप्र पर्यटन बोर्ड ने इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) में पूरे प्रदेश के पंजीकृत होम स्टे संचालित करने वालों का एक हफ्ते का प्रशिक्षण भी करवाया है। फिलहाल पहले चरण में 25 स्थानों के 30 लोगों को बेसिक होम स्टे मैनेजमेंट ट्रेनिंग के तहत हाउसकीपिंग, कुकिंग, डॉक्यूमेंटेशन, मार्केटिंग और कम्युनिकेशन स्कील के बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। मनोजकुमार सिंह, डायरेक्टर, कौशल (मप्र पर्यटन बोर्ड) ने बताया कि प्रशिक्षण में होम स्टे संचालित करने वाले पति-पत्नी दोनों को बुलाया जाता है। पूरे साल अलग-अलग बैच में ये प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा समय-समय पर आईएचएम पूरे प्रदेश के होम स्टे में जाकर विजिट भी करता है, ताकि कमियों को दूर किया जा सके। मिले फीडबैक पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

पंजीयन शुल्क
नाम आवेदन शुल्क (जीएसटी अतिरिक्त)
होम स्टे सिल्वर श्रेणी 1000 रुपए
होम स्टे गोल्ड श्रेणी 2000 रुपए
होम स्टे डायमंड श्रेणी 3000 रुपए
बेड एंड ब्रेकफास्ट 2000 रुपए
फार्म स्टे 5000 रुपए
ग्राम स्टे 1000 रुपए

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