जीएसटी पंजीकृत करदाताओं की संख्या 67.83 लाख से बढ़कर 1.40 करोड़ हुई

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (एसोचैम) की ओर से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के छह वर्ष पूरे होने पर ‘ट्रांसफॉर्मिंग द इनडायरेक्ट टैक्सेशन सिस्टम’ विषय पर बुधवार को राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान एसोचैम ने जीएसटी सिफारिशों पर एक पेपर जारी किया।

सम्मेलन में वित्त मंत्रालय के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के विशेष सचिव व जीएसटी के सदस्य शशांक प्रिया ने कहा कि अनुपालन में सुधार जीएसटी राजस्व बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2023-2024 के कार्यप्रणाली में प्रतिमाह औसतन 1.69 लाख करोड़ राजस्व अर्जित कर रहे हैं। राजस्व दर के अनुरूप कर दरों में वृद्धि किए बिना राजस्व बढ़ रहा है। जीएसटी शुरू होने के समय पंजीकृत करदाताओं की संख्या 67.83 लाख थी, जो अब 1.40 करोड़ पहुंच गई है।

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क के सीईओ मनीष कुमार सिन्हा ने कहा कि जीएसटी एक ऐसा डाटा तैयार करके देता है, जिसमें कोई बिंदु नहीं होता है। देश में हो रही कर चोरी को रोकने के लिए सरकार जीएसटी लाई है। वहीं, राष्ट्रीय अप्रत्यक्ष कर परिषद एसोचैम के अध्यक्ष प्रतीक जैन ने कहा कि जीएसटी के कार्यान्वयन के साथ देश भर में करदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। एसोचेम के नेशनल काउंसिल ऑन डायरेक्ट टैक्स के को-चेयरमैन विनीत अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी के आने से जिंदगी आसान बन गई है।

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