डॉक्टरों ने मरीज को दिया नया जीवन, एक साल पहले टूट गई थी रीढ़ की हड्डी….

बीजापुर जिले के मिरतुर गांव का रहने वाला एक युवक आज से एक वर्ष पहले सड़क हादसे में घायल हो गया था। युवक की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। परिजनों ने एक माह तक युवक का इलाज जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में कराया था, जहां कोई भी लाभ न होता देख परिजन उसका इलाज झाड़-फूंक से कराने लगे। वहां पर भी कोई लाभ न होने पर एक महीने पहले परिजनों ने उसे मेकाज में भर्ती कराया। यहां पर चिकित्सकों की टीम ने एक सफल ऑपरेशन करते हुए मरीज को नया जीवन दिया। घायल सुकालू (22) पुत्र बुधराम ने बताया कि वह बीजापुर में आईटीआई डीजल मैकेनिक का छात्र है। वह 1 अगस्त 2022 को अपने दोस्त बुधराम को लेकर दंतेवाड़ा बाइक से आया हुआ था। वापस जाने के दौरान फरसपाल घाटी में अचानक से गाड़ी का नियंत्रण बिगड़ने से वह गिर पड़ा। इस हादसे में सुकालू के रीढ़ की हड्डी टूट गई। परिजनों ने उसका पूरे महीने भर जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में इलाज कराया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद उसे अपने घर ले जाकर झाड़-फूंक कराने लगे। उससे भी सुकालू के स्वास्थ्य में सुधार न होता देख परिजनों ने उसे मेकाज में 16 जून 2023 को भर्ती कराया, जहां 3 दिन पहले उसका सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर सुनीत पॉल ने बताया कि सुकालू के रीढ़ की हड्डी टूटने के कारण उसके दोनों पैर लकवाग्रस्त हो गए थे, जिसके कारण शरीर के निचले हिस्से में पूरी तरह से सुन्नपन हो गया था। यहां के चिकित्सक डॉक्टर मुकेश ध्रुव, डॉक्टर संदीप सिंह, डॉक्टर प्रसन्नजीत , डॉक्टर आदित्य के अलावा स्टाफ नर्स और स्टाफ ने मिलकर 3 दिन पहले उसका सफल ऑपरेशन किया। अब युवक पूरी तरह से स्वस्थ है। बताया जा रहा है यह पूरा आपरेशन निशुल्क किया गया, लेकिन अगर यही ऑपरेशन मरीज के द्वारा बाहर कराया जाता तो उसे करीब 3 लाख रुपये तक का खर्च वहन करना पड़ता। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान व मरीज के भर्ती के समय से लगातार मेकाज अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू के द्वारा डॉक्टरों की टीम के साथ इस युवक के इलाज से लेकर हर स्थिति का जायजा ले रहे थे। वहीं, इस सफल ऑपरेशन के डॉक्टरों की टीम के साथ ही स्टाफ नर्स व अन्य स्टाफ को बधाई भी दी।

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