बेसहारा पशुओं से 18 महीनों में 128 की जानें गई, सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए….

सड़क दुर्घटना की बड़ी वजह आमतौर पर भारी वाहन की चपेट में आने से, वाहन चालकों की लापरवाही और ब्लैक स्पाट को माना जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में सड़कों पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं की वजह से बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो रही है।

छत्‍तीसगढ़ में 18 महीनों में 128 लोगों की मौत

यातायात विभाग की रिपोर्ट पर गौर करें तो 18 महीनों में इन पशुओं की वजह से या टकराकर 128 लोगों की मौत हो चुकी है। 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2022 तक प्रदेश में 141 दुर्घटनाओं में 92 लोगों की मौत हो गई, वहीं 51 घायल हुए, वहीं 1 जनवरी 2023 से 15 जुलाई 2023 के बीच 55 सड़क दुर्घटना में 36 लोगों की मृत्यु और 15 घायल हुए। राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर राज्य सरकार की सड़कों पर यह दुर्घटनाएं हो रही है।

मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए

इस मामले पर राज्य के मुख्य सचिव ने सभी विभागों को तत्काल अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग ने टीमें गठित कर दी है। जिन जिलों में ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुई है। उनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा आदि जिले शामिल हैं।

कम से कम एक सड़क पशु विहीन करें

इस मामले पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने दिशा-निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा के मद्देनजर कम से कम एक सड़क पशु विहीन घोषित करें। साथ ही सड़कों पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं को उच्च प्राथमिकता के साथ गोठानों में शिफ्ट किया जाए।बाक्स…एक हजार रुपये लगेगा जुर्मानाबेसहारा पशुओं को सड़कों पर विचरण करने पर मजबूर करने वाले पशु मालिकों पर 1000 रुपये जुर्माने की कार्यवाही की जाएगी। नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों के माध्यम से हिदायत की गई है कि बेसहारा पशुओं को सड़कों पर खुला ना छोडें।

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