चर्च में हिन्दुओं के सामने फाड़ी हनुमान चालीसा

इंदौर । हिंदुओं के ईसाई धर्म में धर्मांतरण की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने हिन्दुओं और ईसाइयों के बीच समझौता करवाया था। यह शांति ज्यादा दिन कायम नहीं रह सकी। गुरुवार को हिन्दुओं ने आरोप लगाया कि उनके सामने ही चर्च में हनुमान चालिसा फाड़ दी गई। जब उन्होंने ऐसा करने से रोका तो कहा गया कि हमारी बाईबिल सर्वश्रेष्ठ है। तुम सब भी हमारे साथ ईसाई बन जाओ।

विवाद के बाद गुरुवार देर शाम आधा दर्जन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कुछ को हिरासत में भी ले लिया है।हीरानगर थाना प्रभारी पीएल शर्मा ने बताया कि न्यू शारदा नगर में ईसाई और हिंदू समाज के लोग रहते हैं। गुरुवार को ईसाई समाज के लोगों ने प्रार्थना रखी थी। इस पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति ली। राजकुमार सेन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी माइकल मैथ्यू, जोमेन जोसफ,अभिषेक नेत्राम, रेखा, सेम जोसफ और बेजूबी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने की धारा लगाते हुए एफआईआर दर्ज की है।

राजकुमार सेन ने बताया कि वह शारदा नगर में रहते हैं। ठेकेदारी का काम करते हैं। गुरुवार सुबह सात बजे घर के बाहर टहल रहे थे, तभी तीन ऑटो रिक्शा में 10 से 12 लोग आए। पूछा कि चर्च कहां है। उन्होंने बताया कि वे गुजरात के दाहोद से आए हैं। मुझे उनकी बातों पर शंका हुई तो मैंने अपने साथियों को अनजान लोगों के बारे में जानकारी दी। उनसे चर्च जाने का कारण पूछा तो सभी ने बताया कि वह सिलाई का काम सीखने आए हैं। इस पर हमें शक हुआ और हम अपने साथियों के साथ चर्च पहुंचे।

वहां देखा कि कई जिलों की गाड़ियां वहां खड़ी थी। इसके बाद कॉलोनी के लोग इकट्ठा होकर चर्च के अंदर गए। जैसे ही हम अंदर गए तो हमने देखा कि माइकल मैथ्यू के हाथ में हनुमान चालीसा थी। माइकल उसी चर्च में रहते हैं। वे बाकी लोगों को ईसाई धर्म का उपदेश देते हुए हनुमान चालीसा फाड़ने लगे। जब हमने उन्हें रोका तो जोमेन जोसफ, अभिषेक नेत्राम, रेखा, सेम जोसफ और बेजूबी सहित अन्य लोग हमें चर्च से बाहर निकालने लगे।

इसके बाद वहां मौजूद लोग हमसे बहस करने लगे और कहने लगे कि हमारी बाइबिल सर्वश्रेष्ठ है। हमें भी ईसाई धर्म अपनाने के लिए समझाने लगे। हमने पुलिस को सूचना दी। पुलिस में शिकायत करने वालों का कहना है कि चर्च में मौजूद सभी लोगों ने मिलकर हमारी धार्मिक पुस्तक हनुमान चालीसा फाड़ी है। इससे हमारी धार्मिक भावना आहत हुई है। इन सभी पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।

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