बेटे के टिकट के लिए संघर्ष करती ताई का भी दर्द उभरा…

लंबे समय से काम कर रहे भाजपाइयों को मिलनी चाहिए तवज्जो

भोपाल । उमा भारती की नाराजगी के बाद पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और सात बार की सांसद सुमित्रा महाजन का भी दर्द उभर आया। उन्होंने कहा कि जो लोग सालों से बीजेपी में हैं और पार्टी के लिए काम करते आए हैं, उन्हें पार्टी को तवज्जो देना चाहिए। महाजन यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने कहा कि उन लोगों में मैं भी शामिल हूं।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा घोषणा पत्र बनाया जा रहा है। यह घोषणा पत्र बीजेपी इंदौर द्वारा आमजनों से उनकी सहमति और सुझावों के आधार पर बनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से पूछा कि कई कार्यकर्ता और पुराने बीजेपी के नेता बीजेपी छोडक़र जा रहे हैं, जिनमें हाल ही में भंवरसिंह शेखावत का भी नाम शामिल है। इस पर उन्होंने कहा कि जो पार्टी छोडक़र जा रहा हैं, वह चले जाएं, उसमें मैं कुछ नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि इतना जरूर है कि जो बीजेपी में लंबे समय से काम करते आ रहे हैं, पार्टी को उनके बारे में विचार करना चाहिए और उन लोगों में मेरा नाम भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि उम्रदराजी के कारण सुमित्रा ताई को जहां टिकट नहीं दिया गया, वहीं उन्हें किसी पद पर भी नहीं रखा गया, जिसकी पीड़ा समय-समय पर नजर आती है। वन नेशन वन इलेक्शन पर सुमित्रा महाजन ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बारे में विचार किया है तो कहीं ना कहीं उसे बात का महत्व समझना चाहिए। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि इसमें सभी की सहमति जरूरी है।

बेटे को राजनीति में देखना चाहती हैं ताई
 इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय  विधायक बन चुके हैं, वहीं विधानसभा क्रमांक चार में मालिनी गौड़ अपने बेटे एकलव्य गौड़ के लिए टिकट की दौड़ में शामिल हैं। इसी तरह सुमित्रा महाजन भी अपने  पुत्र मंदार महाजन को अब कहीं ना  कहीं राजनीति में देखना चाहती हैं।

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