टनल से बाहर आए मजदूरों की चमकने लगी किस्मत अब सौर ऊर्जा से उनके घर होंगे सुसज्जित 

सूरत । तमाम प्रयास और दुआओं के बाद उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूर सुरक्षित निकल आए हैं। करीब 17 दिन तक आफत में रहे इन श्रमिकों को उत्तराखंड सरकार ने एक एक लाख रुपए की मदद की है और एक माह तक सवेतन अवकाश दिया है। वहीं अन्य लोग भी इन श्रमिकों की मदद करने में आगे आ रहे हैं। सौर ब्रांड गोल्डी सोलर ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए आगे आया है। सूरत स्थित सौर कंपनी ने बचाए गए प्रत्येक श्रमिक के आवास को सौर ऊर्जा से रोशन करने का वादा किया है। 
गोल्डी सोलर के संस्थापक और प्रबंध निदेशक कैप्टन ईश्वर ढोलकिया ने कहा, हम उत्तरकाशी में प्रभावित परिवारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। सौर पैनल प्रदान और स्थापित करने की हमारी पहल इन परिवारों को टिकाऊ सुविधाओं तक पहुंच के साथ सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम है। बिजली, एक उज्जवल भविष्य की आशा प्रदान करती है। गोल्डी सोलर जरूरतमंद समुदायों का समर्थन करने और उनकी भलाई में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कंपनी के पास समुदायों के उत्थान के लिए सक्रिय कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहल की एक दीर्घकालिक परंपरा है। गोल्डी सोलर ने शिक्षा, कौशल विकास और टिकाऊ जीवन पर ध्यान केंद्रित करने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के कुछ हिस्सों में असंख्य लोगों के जीवन को सशक्त बनाया है। 

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