सामाजिक प्रकल्पों में काश्यप की सक्रियता भी मंत्रिमंडल में चयन का मजबूत आधार मानी जा रही है

रतलाम ।   रतलाम शहर से लगातार तीसरी बार विधायक बने चेतन्य काश्यप इस बार मंत्रिमंडल का हिस्सा होंगे। अपने पिछले दो कार्यकाल में काश्यप ने विधायक के रूप में मिलने वाली सुविधाएं, वेतन, भत्ते आदि नहीं लिए थे और इस बार भी नहीं लेने की घोषणा कर दी है। वर्ष 2002 से 2013 तक काश्यप भाजपा में एनजीओ प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक, प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदों पर रहे। वर्ष 2013 में भाजपा ने पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी का टिकट काटकर काश्यप को मैदान में उतारा। इसके बाद से वे तीनों चुनाव जीते। हर चुनाव में उनकी जीत का अंतर बढ़ता गया। काश्यप की संघ पृष्ठभूमि भी मजबूत है और वे क्रीडा भारती में भी कार्यकारी अध्यक्ष हैं। स्थानीय स्तर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए खेल चेतना मेला, क्रिकेट ट्राफी, मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह भी वे वर्षों से करवा रहे हैं। सामाजिक प्रकल्पों में काश्यप की सक्रियता भी मंत्रिमंडल में चयन का मजबूत आधार मानी जा रही है।

कोरोना काल में फाउंडेशन के जरिये करोड़ों के काम कराए

काश्यप ने कोरोना काल में रतलाम के मेडिकल कालेज सहित आसपास के अस्पतालों में अपने फाउंडेशन के आक्सीजन प्लांट लगवाए वहीं लाकडाउन के दौरान हजारों लोगों के भोजन की व्यवस्था, राशन किट भी उपलब्ध करवाई। पीएम आवास के हितग्राहियों की मार्जिन मनी का एक हिस्सा भी अपने फाउंडेशन से जमा करवाकर आवास उपलब्ध करवाए।

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