श्री राम का ननिहाल और उनकी कर्मभूमि, जगन्नाथपुरी नाम से फेमस है ये धाम, यहां दर्शन कर करें नए साल की शुरुआत

नए साल की शुरुआत अगर आप भी भगवान के दर्शन और शांत वातावरण में घूमने का प्लान बना रहे है. तो छत्तीसगढ़ के जगन्नाथ पुरी नाम से प्रसिद्ध शिवरीनारायण धाम जहां आप भगवान नारायण के दर्शन कर नए साल पर अपने और अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना कर सकते हैं. वहीं, यहां त्रिवेणी (तीन नदियों का मिलना ) महानदी, शिवनाथ नदी और जोक नदी का संगम होता है. शिवरीनारायण के महानदी घाट अपनी खूबसूरती से लोगों के मन को प्रफुल्लित कर देता है.

जांजगीर चांपा जिले में शिवरीनारायण धाम में महानदी, शिवनाथ और जोक नदी के संगम पर बसा है. यहां प्राकृतिक छटा से भरपूर हैं. यहां मंदिर दर्शन करने के बाद घूमने के लिए महानदी घाट को सजाया गया है. महानदी में वोटिंग भी होती है. जिसका मजा यहां घूमने आने वाले व्यक्ति अपने परिवार और दोस्तों के साथ ले सकते हैं.

जगन्नाथ जी की तीनों प्रतिमाएं
सुखराम दास पंडित ने बताया कि शिवरीनारायण को छत्तीसगढ़ के जगन्नाथ पुरी के नाम से जाना जाता है. मान्यता हैं कि इसी स्थान पर प्राचीन समय में भगवान जगन्नाथ जी की तीनों प्रतिमाएं स्थापित की गई थी. लेकिन बाद में इन्हे जगन्नाथपुरी में ले जाया गया, मान्यता है कि आज भी साल में एक दिन भगवान जगन्नाथ शिवरीनारायण आते हैं इसलिए इस जगह को भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान कहा जाता है. यह मंदिर में एक कुंड भी हैं जिसे रोहिणी कुण्ड कहा जाता है जो जमीन से ऊपर है. जिसमे हमेशा जल भरा रहता है. भगवान लक्ष्मी नारायण के चरण इसमें डूबे रहते हैं. इस जल को अक्षय जल कहा जाता है. और बताया कि भगवान के इस दिव्य स्वरूप दर्शन मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है.

श्री राम का ननिहाल और कर्मभूमि
शिवरीनारायण मठ के मठाधीश महंत रामसुंदर दास जी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का ननिहाल और उनकी कर्मभूमि भी है, 14 साल की कठिन वनवास काल में श्रीराम ने अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में ही व्यतीत किया था, माता कौशल्या की जन्मभूमि के कारण छत्तीसगढ़ में श्री राम को भांजे के रूप में पूजा जाता है. शिवरीनारायण धाम के बारे में बताया कि यही वो पावन भूमि है. जहां भक्त और भगवान का मिलन हुआ था, भगवान राम ने शबरी की तपस्या से प्रसन्न होकर न केवल उन्हें दर्शन दिए बल्कि उनकी भक्ति और भाव को देखकर जूठे बेर खाने में भी कोई संकोच नहीं हुआ, आज भी शबरी और राम के मिलन का ये पवित्र स्थान आस्था का केंद्र बना हुआ है.

शिवरीनारायण धाम कैसे पहुंचे
शिवरीनारायण धाम पहुंचने के लिए आप सड़क मार्ग से रायपुर-बिलासपुर मार्ग से पामगढ़ रास्ते से आ सकते हैं. बिलासपुर से 60 किलोमीटर और जांजगीर जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर है. शिवरीनारायण से नजदीकी रेलवे स्टेशन जांजगीर नैला और चांपा स्टेशन है.
 

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