छत्‍तीसगढ़ में प्राण-प्रतिष्‍ठा के दिन एक लाख से अधिक स्थानों पर होगा रामायण, जानिए क्‍या है खास आयोजन

राम का ननिहाल छत्तीसगढ़ उनके विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के रंग में रंग चुका है। समारोह के पहले ही प्रदेश राममय हो चुका है। दुकानें सज चुकी है। शहरों में होर्डिंग्स, बैनर पोस्टर लगाएं जा रहे हैं। 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दिन छत्‍तीसगढ़ में दूसरी दीवाली मनेगी।

22 जनवरी के ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के प्रमुख मंदिरों में सुबह आरती और पूजा का आयोजन होगा, वहीं इस दिन शाम को गंगा आरती का आयोजन किया। इस दिन प्रदेश के एक लाख से अधिक स्थानों पर रामायण व भजन संध्या का आयोजन होगा। व्यवसाय जगत में भी रिकार्ड कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है। शुभ दिन में बड़ी खरीदारी की तैयारी हो चुकी है।

प्राण-प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए राज्य की भाजपा सरकार ने भी ताकत झोंक दी है। राजधानी से लेकर धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर, बीजापुर, कोंडागांव सहित ग्रामीण क्षेत्रों में राम नाम की गूंज सुनाई देगी। सामाजिक, युवा, महिला संगठनों ने समूह बनाकर 22 जनवरी के दिन को अविश्वमरणीय बनाने के लिए योजना तैयार कर ली है। प्रदेश के उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक विविध आयोजनों की श्रृंखला घोषित कर दी गई है।

राज्य सरकार की यह तैयारी

  • 22 जनवरी को प्रदेश में शासकीय अवकाश घोषित।
  • प्रदेश की 4200 से अधिक मानस मंडलियों के लिए बजट जारी।
  • मंदिरों में भजन संध्या, गांव शहरों में दीपोत्सव।

धार्मिक-सामाजिक संगठनों की यह आयोजन

  • 22 जनवरी को एक लाख से अधिक स्थानों पर रामायण, भजन संध्या।
  • रामजानकी मंदिर में विशेष आयोजन, दुग्धाभिषेक, महाआरती।
  • मंदिरों में रौशनी, सजावट, रंगोली प्रतियोगिता।
  • मंदिरों से शोभायात्रा, वाहन रैली।

जिलों में यह आयोजन

राजधानी के कोटा गुढ़ियारी रोड में पं. धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम) की कथा के एक दिन पहले 11 लाख दीप प्रज्जवलित किया जाएगा। राममंदिरों में विशेष पूजा। दुर्ग के पं. रविशंकर शुक्ल विवि में 21 हजार स्वरों में हनुमान चालीसा के पाठ की प्रस्तुति होने जा रही है तो जगदलपुर में ढाई लाख दीपक जलाए जाएंगे। भिलाई के बैकुंठ धाम मंदिर कैंप-1 में 22 जनवरी को शाम 6 बजे 5001 दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा। धमतरी के रूद्रेश्वर घाट में 5000 दीपों से उत्सव मनेगा। इसके साथ ही राजनांदगांव, कोरबा, बिलासपुर,रायगढ़, जशपुर, अंबिकापुर, जांजगीर-चांपा में बड़े आयोजन होंगे।

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