विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन  में सीटों पर पेंच फंसा 

नई दिल्ली ।  विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन  में कौन पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी यानी सीट शेयरिंग को लेकर बैठक पर बैठक हो रही है, लेकिन कुछ तय ही नहीं हो पा रहा। दिल्ली-पंजाब की सीटों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस में मतभेद बढ़ता जा रहा है। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं के बीच कुछ भी तय नहीं हो पा रहा है। अब पश्चिम बंगाल की सीटों को लेकर भी तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच मतभेद दिखने लगे हैं। 
बंगाल में सीट शेयरिंग को लेकर सीएम ममता बनर्जी और लोकसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी के बीच बयानबाजी जारी है। हालांकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है। इस बीच भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर निकले राहुल गांधी ने ममता बनर्जी को अपना करीबी बताया है। राहुल गांधी ने मंगलवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी मेरी काफी करीबी हैं। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर ममता बनर्जी के खिलाफ अधीर रंजन के बयान से गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राहुल ने कहा कि बंगाल में सीट बंटवारे को लेकर  राहुल गांधी ने कहा, कभी-कभी हमारे नेता ऐसा कुछ कहते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि ऐसे बयानों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।  ममता बनर्जी ने कहा, मैं इस बात पर ज़ोर देती हूं कि जिस क्षेत्र में जिस पार्टी की पकड़ हो, उसे उस क्षेत्रीय पार्टी के लिए छोड़ देना चाहिए। कांग्रेस अकेले 300 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। मैं उनकी मदद करूंगी। लेकिन वो वही करने पर अड़े हैं, जो वो करना चाहते हैं।
 बनर्जी ने कहा, मुझमें बीजेपी से मुकाबला करने और उनके खिलाफ लड़ने की ताकत है। कुछ लोग सीट बंटवारे पर हमारी बात नहीं सुनना चाहते। अगर वो बीजेपी से नहीं लड़ना चाहते हैं, तो न लड़ें। लेकिन कम से कम उन्हें सीट तो न दें। 
कांग्रेस ने ममता बनर्जी के इस बयान का जवाब भी दिया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ममता बनर्जी की दया से हम चुनाव नहीं लड़ेंगे। हम अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस को उनकी कोई मदद नहीं चाहिए। 
पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने एक रिपोर्ट आने के बाद ममता बनर्जी पर निशाना साधा था। चौधरी ने बनर्जी को अवसरवादी करार देते हुए कहा कि टीएमसी बंगाल की सभी 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। उन्होंने कहा था कि ममता बनर्जी को याद रखना चाहिए कि कांग्रेस के समर्थन से ही वह बंगाल की सत्ता में आई थीं। ममता ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को 2 सीटों की पेशकश की है, लेकिन कांग्रेस अधिक सीटें चाहती है। 20 जनवरी को मुर्शिदाबाद में हुई बैठक में कांग्रेस को 2 सीटें देने के साथ तृणमूल के शीर्ष नेताओं ने यह निर्णय लिया कि पार्टी बहरामपुर सहित सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जहां से अधीर रंजन चौधरी मौजूदा सांसद हैं। इसके बाद ही अधीर ने ममता पर तंज कसा था।
इंडिया  अलायंस में सीट बंटवारे को लेकर दिक्कत सिर्फ टीएमसी और कांग्रेस के बीच नहीं है, बल्कि दिल्ली और पंजाब को लेकर भी है। सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में अब तक सहमति नहीं बन पाई है। हालत ये है कि चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव पर सहमति बनने के बाद भी बयानबाजी जारी है।

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