असम में एचआईवी एड्स का बढ़ रहा खतरा, स्वास्थ्य मंत्री ने उठाया मुद्दा

दिसपुर । असम में एचआईवी एड्स का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर असम के स्वास्थ्य मंत्री केशब महंत ने ‎विधानसभा में मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में एचआईवी-एड्स के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसका मुख्य कारण नशीली दवाओं का सेवन है। स्वास्थ्य मंत्री महंत ने कहा कि साल 2023 में दिसंबर तक 9,90,372 परीक्षण किए गए, जिनमें से 5,791 सकारात्मक पाए गए। असम के स्वास्थ्य मंत्री केशब महंत ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार गैर सरकारी संगठनों की मदद से एचआईवी पॉजिटिव व्यक्तियों के साथ काम कर रही है। हालांकि, रोगियों की पहचान को गोपनीय रखने के लिए उनके विवरण का खुलासा नहीं किया गया। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की गई। कांग्रेस विधायक सिबामोनी बोरा ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान राज्य में एचआईवी यानी ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस रोगियों की व्यापकता का मामला उठाया और दावा किया कि ताजा संक्रमण में वृद्धि हुई है। 
उन्होंने दावा किया कि करीब 50 फीसदी ड्रग पेडलर खुद संक्रमित हैं। बोरा ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने कोविड-19 महामारी फैलने के बाद से एचआईवी के बारे में जागरूकता फैलाने पर ध्यान देना बंद कर दिया है जिसके कारण केसिस में वृद्धि देखी गई है। इसी बीच बोरा के आरोपों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री महंत ने अपने जवाब में कहा कि राज्य में 2002 से 2023 के बीच किए गए 89,84,519 परीक्षणों में से 31,729 एचआईवी-एड्स के मामले सामने आए हैं। हालां‎कि राज्य सरकार सभी सरकारी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ जेलों जैसे संवेदनशील जगहों पर परीक्षण, परामर्श और उपचार के लिए सभी सुविधाएं दे रही है।

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