माउंटआबू के पहरेदार कहलाते हैं आरना हनुमान जी, यहां अकेले ही विराजमान हैं प्रभु श्रीराम

हिंदू धर्म के देवता हनुमान जी के बारे में पुराणों में ऐसा वर्णन है कि वह हम सभी की रक्षा करते हैं. ऐसा माना जाता है कि भगवान हनुमान माउंटआबू की चारों दिशाओं में विराजमान हैं और लोगों की रक्षा करते हैं. माउंटआबू में कई सड़क हादसे हुए लेकिन सड़क हादसों में भी लोग बाल-बाल बच निकलते है और इसके पीछे लोग यही कहते है कि ऐसा हनुमान जी की वजह से होता है, क्योंकि वो सदियों से माउंटआबू की पहरेदारी कर रहे है. सदियों से यहां के लोगों के बीच ऐसी मान्यता है कि हनुमान यहां के कण कण में विराजमान हैं. उनकी पूजा माउंटआबू के रक्षक देव के रुप में सदियों से की जा रही है.

जानें आरना वाले हनुमान जी की कहानी
आज लोकल 18 लेकर आया है, माउंट के पहरेदार कहलाने वाले आरना हनुमान जी की पौराणिक कहानी आरना वाले हनुमान जी की, जो माउंटआबू के मुख्य मार्ग पर है वो पूरब दिशा में है जहां भगवान राम का मंदिर भी है और उसकी रक्षा करते है. आरना हनुमान मंदिर भगवान के भक्तों के बीच श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र है. यह मंदिर त्रेतायुग से ही माना जाता है. कहा जाता है कि इस मंदिर की आधारशिला भगवान राम ने रखी थी.

हनुमान यहां भी माउंटआबू के रक्षक के रुप में यानि पहरेदार के रुप मे जाने जाते है. साथ ही नक्की झील वाले हनुमान पश्चिम दिशा में है और यही पर सर्वेश्वर रघुनाथ मंदिर भी है जहां वह भगवान राम की रक्षा करते हैं. दरअसल यहां भगवान राम की इकलौती मूर्ति है जहां वह सिया और अपने भ्राता लक्ष्मण के बिना विराजमान है.

माउंट आबू की सभी दिशाओं में विराजमान हैं हनुमान जी
माउंट आबू के 16 गांव में राजपूत समाज का मेला होली के बाद शुरू हो जाता है और अमावस्या तक चलता है, जिसके आयोजन में प्रसाद व महाआरती का भी आयोजन होता है, जिसमें महिला, पुरुष, बच्चे हजारों की संख्या में भाग लेते हैं. लोगों में ऐसा विश्वास है कि भगवान राम ने हनुमान जी को शहर की रक्षा करने के लिए कहा था कि आप शहर की पहरेदारी करो. माउंटआबू के लोगों की हिफाजत करो. तभी से ये मान्यता चली आ रही है कि भगवान राम के आदेश का पालन करते हुए हनुमान जी माउंटआबू की सभी दिशाओं में विराजमान है. सबसे खास बात है कि चारों दिशाओं में हनुमान के साथ उनके आराध्य भगवान राम की भी मूर्ति है.
 

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