वीवीपैट वेरिफिकेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोटों और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) पर्चियों की 100 प्रतिश्ता क्रॉस-चेकिंग की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। इस सुनवाई के बाद जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दत्ता की पीठ ने कहा कि हम चुनावों को कंट्रोल नहीं कर सकते, हम किसी अन्य संवैधानिक प्राधिकरण के कामकाज को नियंत्रित नहीं कर सकते। ईसीआई ने संदेह दूर कर दिया है। हम आपकी विचार प्रक्रिया को नहीं बदल सकते, हम ये नहीं कर सकते कि सिर्फ संदेह के आधार पर सुप्रीम ऑर्डर जारी कर दें। जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि हम मेरिट पर दोबारा सुनवाई नहीं कर रहे हैं। हम कुछ निश्चित स्पष्टीकरण चाहते हैं। हमारे कुछ सवाल थे और हमें जवाब मिल गए। फैसला सुरक्षित रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेटा के लिए चुनाव आयोग पर भरोसा करना होगा।
जस्टिस खन्ना ने कहा कि अगर कोई गलत करता है तो उसके परिणाम पता हैं। जिस रिपोर्ट का हवाला याचिकाकर्ता दे रहे हैं, उसमें ही शक शब्द का इस्तेमाल है। वे खुद ही आश्वस्त नहीं हैं। अगर किसी चीज में सुधार की गुंजाइश है तो इसमें निश्चित सुधार करेंगे। कोर्ट ने दो बार दखल दिया है। पहली बार हमने कहा कि वीवीपैट आवश्यक होनी चाहिए और दूसरी बात हमने इसे एक से बढ़ाकर 5 किया है। जब हमने कहा कि क्या सुधार हैं, जो किए जा सकते हैं तो पहला जो जवाब था, वो ये कि बैलट पेपर्स पर वापस लौट आएं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *