चुनाव आयोग का आदिवासी बेल्ट पर फोकस

अंतिम फेज में मालवा-निमाड़ की आठ लोकसभा सीट पर सर्वाधिक वोटिंग की तैयारी

भोपाल । प्रदेश के चौथे और अंतिम चरण में शामिल आठ लोकसभा सीटों पर होने वाली वोटिंग में चुनाव आयोग का फोकस शहरी इलाकों के साथ आदिवासी बेल्ट के मतदान केंद्रों पर ज्यादा है।मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार भी कह चुके हैं कि चुनाव में जीरो टालरेंस फार वायलेंस का पालन हो और अधिकतम वोटिंग हो। इसीलिए यहां वोटर्स को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी बीएलओ के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं जिलों में कलेक्टरों द्वारा की जा रही मतदाता जागरुकता की एक्टिविटीज की निगरानी के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अफसरों की टीम भी इन लोकसभा क्षेत्रों में भेजी जा रही है।
मुुख्य चुनाव आयुक्त कुमार ने एमपी में वोटिंग प्रतिशत में आई बढ़त के बाद कल हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक में सीईओ एमपी इलेक्शन अनुपम राजन से कहा था कि मतदान के अंतिम 48 घंटों में विशेष निगरानी करें ताकि किसी तरह की गड़बड़ पर तुरंत एक्शन लिया जा सके। इसके साथ ही मतदाता वोट करने मतदान केन्द्रों तक आयें, इसके लिये मतदान केन्द्रों में सभी समुचित व्यवस्थायें की जायें। मतदान केन्द्र में मतदाताओं के लिये टेन्ट, पीने का पानी और ओआरएस आदि की व्यवस्थाएं कराएं। मतदान बढ़ाने के लिये रिटर्निंग ऑफिसर, प्रेक्षक, स्वीप नोडल और पूरी निर्वाचन टीम सभी मिल-जुलकर सामूहिक प्रयास करें। एमपी में इसको लेकर तीसरे चरण से ही सीईओ राजन और उनकी टीम ने अपनी प्राथमिकता बढ़ा दी थी और मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्देश के बाद अब आगामी दो दिनों तक इसको लेकर और अधिक सक्रिय होने के लिए कहा गया है।

13 मई को इन आठ लोकसभा सीट पर होगी वोटिंग

प्रदेश में चौथे चरण में मालवा निमाड़ की आठ लोकसभा सीट देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगौन एवं खंडवा में 13 मई को मतदान होगा। इसमें धार, रतलाम, खरगौन, खंडवा आदिवासी बाहुल्य सीटें हैं। इंदौर में जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर लोगों से अधिकतम वोटिंग के लिए विशेष अभियान एक मई से चला रहे हैं जो मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के चलें बूथ की ओर कैम्पेन के अंतर्गत लोगों को मतदान के लिए जागरुक करने से जुड़ा है।

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