इस अमावस्या बन रहा शिववास योग, जानें भगवान शिव और पितरों की कृपा पाने के लिए क्या करें

अमावस्या का सनातन धर्म में काफी महत्व है. इस दिन श्रद्धालु गंगा समेत पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं. बता दें कि अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है और सालभर पड़ने वाली 12 अमावस्या तिथियों का अपना-अपना महत्व है और इसमें ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली अमावस्या तिथि को सबसे खास माना जाता है. क्योंकि इस दिन वट सावित्रि व्रत भी रखा जाता है और इसी दिन शनि जयंति भी होती है. ज्येष्ठ अमावस्या पर क्या करें?

हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार ज्येष्ठ अमावस्या के दिन दुर्लभ शिववास योग का निर्माण हो रहा है. जो कि काफी शुभ व विशेष माना जा रहा है. इस विशेष योग में पितरों की पूजा करने से साधक को पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. आइए जानते हैं कब पड़ रही है ज्येष्ठ अमावस्या और शिववास योग में क्या करें.

इस दिन है ज्येष्ठ अमावस्या 2024
ज्येष्ठ अमावस्या 6 जून 2024 को पड़ रही है. अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान कर दान-पुण्य करने और पितरों का श्राद्ध करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं. इसके साथ ही घर और परिवार के संकट मिटते हैं.

ज्येष्ठ अमावस्या 2024 मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या 5 जून 2024 को रात 07 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर 6 जून 2024 को शाम 06 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगा. इस बीच स्नान-दान व पितरों की पूजा, शनि पूजा का मुहूर्त देखें-

स्नान-दान मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 02 मिनट से सुबह 07 बजकर 07 मिनट तक रहेगा.

पितृ पूजन – सुबह 11 बजकर 30 दोपहर 02 बजकर 4 मिनट तक रहेगा.

शनि पूजा – शाम 06 बजे से प्रारंभ होगा और रात 09 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगा. इस मुहूर्त में आप शनि देव की पूजा मंदिर जाकर कर सकते हैं.
 

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