यूपी में ब‍िजली उपभोक्ताओं के ल‍िए आया बड़ा अपडेट

बिजली उपभोक्ताओं को 20 किलोवाट तक भार बढ़ाने के लिए अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। वाणिज्यिक और घरेलू उपभोक्ता यूपी पावर कॉरपोरेशन के आधिकारिक पोर्टल uppclonline.com के माध्यम से खुद अपना भार बढ़ा सकेंगे। लोड बढ़ाने के बाद यदि मीटर बदलने की आवश्यकता होगी तो अधिकारी बिलिंग डाटा से चेक कर मीटर बदलने की कार्रवाई करेंगे।

उपभोक्ताओं द्वारा स्वत: लोड वृद्धि का प्रविधान बिलिंग प्रणाली में लागू कर दिया गया है। यूपी पावर कॉरपोरेशन ने इस संबंध में सभी विद्युत वितरण निगमों को निर्देश जारी किए हैं। यूपी पावर कॉरपोरेशन की आइटी इकाई द्वारा पूर्वांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को के सभी अधिशासी अभियंता (वितरण) को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यह जानकारी कर्मचारियों के बीच अधिक से अधिक प्रसारित की जाए।

पत्र में प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की जानकारी

अधीक्षण अभियंता (आइटी) अरविंद सिंह के भेजे गए पत्र में पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की जानकारी भी साझा की गई है। बताया गया है कि बिलिंग प्रणाली पर सीएम ऑटो लोड नाम से रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई है। इस रिपोर्ट से आटोमेटिक लोड वृद्धि के सभी मामलों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। रिपोर्ट में फिल्टर लगाकर ऐसे मामलों को अलग किया जा सकता है, जहां सप्लाई टाइप (एसटी) या मीटर बदलने की आवश्यकता है। बिजली निगमों के सभी डिवीजन से अपेक्षा की गई है कि वे रिपोर्ट के आधार पर गंभीरता से पहल करेंगे।

एनसीएल का यूपीआरवीयूएनएल से 250 मेगावाट सोलर संयंत्र के लिए करार

कोल इंडिया की सहायक कंपनी नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने उत्तर प्रदेश में 250 मेगावाट की अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता की स्थापना के लिए यूपी राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (यूपीआरवीयूएनएल) के साथ समझौता किया है। यह समझौता 100 मेगावाट के फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र और 150 मेगावाट का ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए किया गया है।

बता दें कि एनसीएल ने मध्यप्रदेश में 50 मेगावाट का ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्र चालू कर दिया है। इस करार के साथ ही एनसीएल 290 मेगावाट ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करते हुए नेट-जीरो कंपनी बन जाएगी। एनसीएल मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सिंगरौली और सोनभद्र जिलों में स्थित अपनी 10 ओपन-कास्ट कोयला खदानों के साथ सालाना 135 मिलियन टन से अधिक कोयले का उत्पादन करती है।

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