यूपी में अल्पसंख्यकों को पार्टी से जोड़ने 29 लोकसभा सीटों पर बीजेपी की नजर

मेरठ । मिशन-2024 की फतह के लिए अब अल्पसंख्यक बहुल 29 लोकसभा सीटों पर बीजेपी की नजर है। सियासी हलकों में कहा जाता है कि दिल्ली की सत्ता हासिल करने का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। इसलिए फतह 2024 में जीत का आधार मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यकों का साथ हासिल करने के लिए जल्द उनसे जुड़ेगी। खासकर प्रोफेशनल अल्पसंख्यक पर उनका फोकस होगा। ऐसे में अल्पसंख्यकों को बीजेपी से जोड़ने के लिए बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा उत्तर प्रदेश के टारगेट पर 29 लोकसभा सीटें हैं। इन 29 सीटों में काफी पश्चिमी यूपी की हैं।

प्रोफेशनल मुस्लिमों से सम्पर्क कर रही भाजपा
भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली के मुताबिक सभी 29 सीटों पर प्रोफेशनल मुस्लिमों जैसे डॉक्टर्स, इंजिनियर्स, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकार, बिजनेसमैन, व्यापारी और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मोर्चा के वर्कर मिल रहे हैं। बाकी पार्टी के निर्देश के मुताबिक आगे कदम बढ़ाया जाएगा। लोकसभा चुनाव-2024 से पहले बीजेपी काफी दिनों से पसमांदा मुसलमानों को साधने की रणनीति पर बढ़ रही है। खुद पीएम ने बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग में मुस्लिम से जुड़ने का संदेश दिया था। हाल ही में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने 10 मार्च से देश भर में अल्पसंख्यकों से जुड़ने का प्लान तैयार कर रखा है।

देशभर में 60 अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर भाजपा का फोकस
दरअसल, देशभर में 60 अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर भाजपा की नजर है। पार्टी का मानना है कि अगर 5 से 10 हजार अल्पसंख्यक भी पार्टी से जुड़ जाएं तो परिणाम अलग होंगे। यूपी में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा पीएम मोदी की मंशा के मुताबिक उन 29 सीटों पर अपना फोकस कर रहा है, जहां अल्पसंख्यक खासकर मुस्लिम अधिक हैं। वेस्ट यूपी मुस्लिम बहुल माना जाता है। यहां की सहारनपुर, मेरठ, कैराना, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, अलीगढ़ जैसी लोकसभा सीटें अल्पसंख्यक बहुल खासकर मुस्लिम की अधिक आबादी वाली सीटों में शुमार हैं। इन सीटों में से सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, नगीना फिलहाल भाजपा के पास नहीं हैं। 

अल्पसंख्यकों का साथ मिल जाए तो यूपी सभी सीटें भजपा की होंगी! 
रामपुर भी भाजपा आम चुनाव में हारी थी। उपचुनाव में भाजपा जीत गई थी। पार्टी का मानना है कि रामपुर लोकसभा उपचुनाव में जिस तरह मुस्लिमों के एक बड़े हिस्से ने कमल पर वोट किया और जीत दिलाई, अगर बाकी अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर भी इसी तरह का साथ मिल जाए तो यूपी की सभी 80 सीटें बीजेपी के पास आना संभव है। पार्टी नेताओं का कहना है कि 2024 में भाजपा का लक्ष्य यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतना है। हालांकि बीजेपी का केंद्रीय हाईकमान अपने अल्पसंख्यक मोर्चा से चाहता है कि वह अल्पसंख्यक बहुल 29 में से सिर्फ दस सीट चयनित कर उन पर फोकस करे। फिलहाल मोर्चा सभी 29 सीटों पर टीम बनाकर काम कर रहा है।

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