उज्जैन का वह आश्रम जहां श्रीकृष्ण ने सीखीं थी 64 कलाएं, जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारी, जानिए मंदिर का रहस्य

उज्जैन दुनिया भर में महाकालेश्वर मंदिर के लिए जाना जाता है. इसके अलावा भी यहां कई धार्मिक स्थल हैं. जो इस शहर को बाकी शहरों से बेहद खास बनाते हैं. इन्हीं मंदिरो मे से एक श्री कृष्णा का एक मंदिर मंगलनाथ रोड पर स्थित है. जिसका नाम सांदीपनि आश्रम है. यहां भगवान श्री कृष्ण ने अपनी शिक्षा प्राप्त की थी. आज हम आपको भगवान श्री कृष्ण की उस पाठशाला के बारे में बताएंगे. यहां जन्माष्टमी कि क्या तैयारीया चल रही है.

जन्मआष्ट्मी यानि श्री कृष्णा का जन्मदिवस 26 अगस्त को आ रहा है. जिसको देखते हुए. उज्जैन के सभी कृष्णा मंदिर मे विशेष साज-सजा देखने को मिल रही है. सांदीपनि आश्रम मे भी यह पर्व बड़ी ही धूमधाम के सघ मनाया जायगा. जिसमें सोमवार को सुबह से दिनभर भगवान के दर्शन होंगे. 26 अगस्त को रात 12 बजे जन्म आरती होगी. 27 अगस्त को नंद महोत्सव मनाया जाएगा. भगवान पालना झूलेंगे. भक्तों को पंजेरी महाप्रसादी का वितरण होगा.

भगवान की बन रही पोशाक
ऐसे तो समय समय पर इस मंदिर मे सजा सज्जा देखने को मिलती है. लेकिन, जन्मआष्ट्मी के दिन यहा भगवान के लिए विशेष पोशाक बनाई जाती है. गुरु सांदीपनी परीवार के वंसज पंडित रूपम व्यास ने बताया कि जन्म उत्सव को लेकर पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार 10 दिनों की कड़ी मेहनत कर कृष्ण बलराम व सुदामा जी की पोशाक बनाई जा रही है. पुजारी परिवार द्वारा बनाई गई पोशाक पहन कर ही प्रतिवर्ष जन्म आर्थिक की जाती है.

64 दिन मे सीखी इतनी विद्या
मंदिर के पुजारी रूपम व्यास ने मंदिर का इतिहास बताते हुए कहा कि हर रोज यहां पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. यहां पर भगवान श्री कृष्ण ने 64 दिन रहकर शिक्षा गहण की थी. भगवान ने 4 दिन में चार वेद, 6 दिन में 6 शास्त्र, 16 दिन में 16 कलाएं, 18 दिन में 18 पुराण सहित उपनिषद, छंद, अलंकार आदि का ज्ञान प्राप्त किया. यहां पर भगवान श्री कृष्ण की बैठी हुई प्रतिमा के दर्शन होते हैं.

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