Winter : कड़ाके की ठंड से 24 घंटे में 22 लोगों की हार्ट अटैक से मौत..

कानपुर । शहर और आस-पास जिलों में तेजी से गिर रहे तापमान के कारण हृदय और मस्तिष्क से जुड़े मरीजों की संख्या में तेजी देखने को मिल रही है। गुरुवार देर शाम तक एक दिन में 22 लोगों की जान हार्ट अटैक से गई। वहीं, तीन ऐसे मरीजों की मौत हुई जो ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हुए।हृदय रोग संस्थान की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, दो जनवरी से अब तक 56 लोगों की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है। तापमान में गिरावट का असर उम्रदराज के साथ युवाओं में देखने को मिल रहा है।

हृदय रोग संस्थान के साथ एलएलआर अस्पताल की ओपीडी में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या अधिक आ रही है।
लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान के निदेशक डा. विनय कृष्णा ने बताया कि गुरुवार को लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान में हृदय रोग की समस्या को लेकर 723 मरीज आए। इसमें 41 मरीजों को भर्ती किया गया। हालांकि 15 ऐसे मरीज रहे जिनकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई। वहीं, सात मरीजों की मौत इलाज के दौरान हुई।

गुरुवार को उन्नाव की 65 वर्षीय संध्या, कल्याणपुर की 74 वर्षीय रजोल और कन्नौज के 70 वर्षीय जाकिर की मौत ब्रेन स्ट्रोक के कारण हुई। स्वजन उन्हें गंभीर स्थिति में एलएलआर अस्पताल लेकर पहुंचे जिनकी मौत ब्रेन स्ट्रोक के कारण हुई।शहर में अलग-अलग स्थानों पर ठंड की चपेट में आकर दो लोगों की जान चली गयी। घटनाएं क्षेत्र के रायपुरवा और बजरिया थानाक्षेत्रों में हुई।लगातार गिर रहा पारा रोज नए रिकार्ड बना रहा है।

रायपुरवा थानाक्षेत्र में चंद्रिका देवी मंदिर के पास रहने वाले 80 वर्षीय राजाराम सड़क किनारे पान मसाला बेचते थे।बुधवार देर शाम अचानक वह बेसुध हो गये इस पर राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी तो उन्हें एलएलआर अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें कार्डियोलाजी रेफर कर दिया गया।जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया पोस्टमार्टम में ठंड की वजह से हार्ट अटैक की पुष्टि हुई है।

वहीं बजरिया थानाक्षेत्र में गीतापार्क में मंगलवार को कल्याणपुर के अवधपुरी निवासी 70 वर्षीय चंद्र गुप्ता की अचानक हालत बिगड़ गयी थी।इलाकाई लोगों की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हें उर्सला अस्पताल में भर्ती कराकर स्वजन को सूचना दी थी। जहां बुधवार देर रात उनकी मौत हो गयी पोस्टमार्टम में ठंड से हार्ट अटैक की पुष्टि हुई है।

डाक्टरों के मुताबिक, अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या अधिक रही। जो लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित रहे हैं। इनमें उच्च रक्तचाप, अत्याधुनिक मधुमेह के कारण उम्रदराज लोगों की नसों में खून के थक्के जमने के कारण नस फटने की समस्या आ रही है। वहीं, एलएलआर अस्पताल की ओपीडी में भी देर रात तक सीने में दर्द की समस्या लेकर लगभग 25 मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे। जिन्हें बेहतर इलाज के लिए हृदय रोग संस्थान भेजा गया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *