मप्र में 3500 लोकेशंस पर प्रॉपर्टी हुई महंगी

भोपाल । मप्र के 55 जिलों में 3500 लोकेशंस पर प्रॉपर्टी के रेट बढ़ा दिए गए हैं। कलेक्टर्स ने 1 लाख 12 हजार लोकेशंस पर प्रॉपर्टी पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज से सरकार की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजे थे। कलेक्टर गाइडलाइन में कीमतें बढ़ाने के प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने मंजूरी दे दी है। बड़े महानगरों में सबसे ज्यादा 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी इंदौर जिले में की गई है। वहीं भोपाल में अभी कीमतों में बढ़त होल्ड पर है।
जारकारी के अनुसार प्रॉपर्टी रेट बढ़ाने का फैसला जिलों में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से मंजूर किए गए लेआउट प्लान की स्थिति, कितनी जमीन का डायवर्सन जिले में किस इलाके में किया गया, नॉन एग्रीकल्चर जमीन का उपयोग कहां बढ़ रहा है, लोकेशन के आधार पर रजिस्ट्री का डेटा एनालिसिस और लोकल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट, जिसमें बड़े प्रोजेक्ट की जानकारी आई के आधार पर किया गया।
इंदौर में 9 प्रतिशत लोकेशन पर बढ़त
भोपाल में अभी कीमतों में बढ़त होल्ड पर है। वहीं इंदौर में 9 प्रतिशत लोकेशन पर 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है। जबकि ग्वालियर में 6 प्रतिशत लोकेशंस पर 2 प्रतिशत, जबलपुर में 7 प्रतिशत लोकेशंस पर 2.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रदेशभर में 3 प्रतिशत लोकेशंस पर 0.94 प्रतिशत की बढ़त हुई है।

डिप्टी सीएम के हस्तक्षेप से रुका भोपाल का फैसला
भोपाल जिले की प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ाने के मामले में कलेक्टर भोपाल क्रेडाई (कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) की बैठक बुलाकर सुझाव देंगे, इसके बाद ही यहां कीमतें बढ़ाने का फैसला किया जाएगा। भोपाल की जमीन संबंधी कलेक्टर गाइडलाइन के मामले में यह निर्णय केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने लिया है। दरअसल, डिप्टी सीएम और वित्त व वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा से भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भोपाल दक्षिण पश्चिम भगवान दास सबनानी ने प्रॉपर्टी की कीमतें नहीं बढ़ाने की मांग की थी। इसके साथ ही भोपाल क्रेडाई ने भी इसका विरोध किया था और इसको लेकर सांसद, विधायक को पत्र लिखकर कहा था कि क्रेडाई का पक्ष नहीं सुना जाता है, इसलिए आईजी पंजीयन ने तय किया है कि पहले भोपाल कलेक्टर क्रेडाई का पक्ष सुनेंगे, इसके बाद जो प्रस्ताव वृद्धि के संबंध में भेजेंगे, उस पर विचार किया जाएगा।

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