चमत्कार….! कुआं खोदने से पहले किसान आते हैं मंदिर….मिलता है मीठे पानी का वरदान… मूछों वाले बालाजी की क्या है मान्यता

देश में कई ऐसे मंदिर हैं, जो काफी रहस्यमयी हैं, जिनके रहस्यों को आज तक कोई नहीं जान पाया है. आज हम आपको एक ऐसे चमत्कारिक मंदिर के बारे में बताते हैं, जहां काफी संख्या में भक्त दूसरे प्रदेशों से भी आते हैं. दरअसल यह मंदिर नागौर जिले से सटे नावां रोड स्थित भगवानपुर गांव में है, जिसे फोगेवाले बालाजी के नाम से जाना जाता है. यह मंदिर दक्षिण मुखी है, जहां मंगलवार को शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त आते हैं. यहां बालाजी की मूर्ति की मूंछें हैं.

मीठे पानी का किसानों को मिलता है वरदान
आपको बता दें, मंदिर की बनावट बहुत सुंदर व भव्य है. इस मंदिर में किसान भी बड़ी संख्या में आते हैं. ऐसी मान्यता है कि इन्हें मीठे पानी का वरदान मिलता है. हाल ही में मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया गया है. मंदिर के एक बड़े हिस्से में सत्संग व जागरण के लिए बड़ा भवन भी बना हुआ है. इतना ही नहीं मंदिर परिसर में ही दूसरी ओर ठाकुर जी का मंदिर भी बना हुआ है. मंदिर के बाहर प्रवेश द्वार पर एक पीने के पानी की प्याऊ भी बनी है.

अनोखा है मूंछों वाले बालाजी का मंदिर
आपको बता दें, कि भगवानपुर स्थित दक्षिण मुखी बालाजी मंदिर फोगे वाले बालाजी के नाम से जाना जाता है. मंदिर विशाल भूभाग में स्थित है. फोगे वाला बालाजी एक मात्र ऐसा मंदिर है जो दक्षिण मुखी है. जहां बालाजी की मूर्ति पर मूंछें हैं. इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक है. यहां भक्त अक्सर मन्नत मांगने आते हैं. मंदिर पुजारी बताते हैं कि यहां गुजरात, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी भक्त आते हैं.

किसानों के लिए क्यों खास है यह मंदिर
बता दें, कि भगवानपुरा स्थित फोगे वाले बालाजी के मंदिर में बड़ी संख्या में किसान मंगलवार व शनिवार को एक नारियल के साथ आते हैं. वे अपने खेत में कुआं बावड़ी बोरिंग को खोदने से पहले यहां पर मीठे पानी की जानकारी के लिए आते हैं. किसान नारियल के आधार पर ही तय करते हैं कि उसे किस जगह खुदाई करनी है. ऐसी मान्यता है कि मंदिर में किसानों को मीठे पानी का वरदान मिलता है.

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