रांची में आदिवासी संगठनों ने फ्लाईओवर रैंप हटाने की मांग को लेकर बंद का किया आह्वान, 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

रांची: आज रांची के सिरम टोली स्थित केंद्रीय सरना स्थल के सामने बन रहे फ्लाईओवर के रैंप हटाने की मांग को लेकर कई आदिवासी संगठनों के द्वारा आज रांची बंद बुलाया गया है. आदिवासी संगठनों के बंद को ध्यान में रखते हुए रांची पुलिस ने ऐतिहातन सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं. रांची में सुरक्षा की कमान 1000 से ज्यादा जवानों के द्वारा संभाली जाएगी. रांची में आदिवासी संगठनों के बंद को लेकर हाई अलर्ट है. किसी भी प्रकार के उपद्रव और हिंसा से निपटने के लिए रांची जिला प्रशासन के द्वारा ड्रोन कैमरा ,CCTV कैमरे के साथ-साथ वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के माध्यम से बंद समर्थकों निगरानी की जाएगी.

CCTV से की जा रही है निगरानी
कंट्रोल रूम में विशेष तौर पर पुलिस कर्मियों के द्वारा रांची के विभिन्न चौक चौराहा पर लगे CCTV कैमरा के माध्यम से किसी भी प्रकार के उपद्रव करने वाले आरोपियों को चिन्हित कर उन पर, कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. रांची के सिरम टोली स्थित केंद्रीय सरना स्थल के सामने बन रहे सिरमटोली टोली फ्लाईओवर के रैंप जो केंद्रीय सरना स्थल के मुख्य द्वार के सामने पड़ता है. उस कारण वहां सरहुल सहित विभिन्न समारोह के दौरान लाखों की संख्या में पहुंचने वाले आदिवासी समाज के लोगों को कठिनाई होने वाली है. ऐसी आशंका जताते हुए अलग-अलग आदिवासी संगठनों के द्वारा लगातार रांची की सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा.

पूर्व में आदिवासी संगठनों के द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ,विधायक कल्पना सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मराण्डी, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन सहित 30 से ज्यादा आदिवासी विधायकों की शव यात्रा निकालकर अनोखे तरीके से विरोध जताया था. रांची बंद का आह्वान किया गया है. इस वजह से यहां बहुत से स्कूलों को बंद रखा गया है. वहीं दूसरी तरफ प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के दृष्टिकोण से हाई अलर्ट करते हुए 1000 से अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है.

इन सुविधाओं की दुकानें खुली रहेंगी
बंद का आह्वान करने वाले आदिवासी संगठनों के द्वारा यह कहा गया है कि आवश्यक सेवा जैसे अस्पताल, एंबुलेंस ,दवा दुकान और परीक्षार्थियों को बंद से मुक्त रखा जाएगा. वहीं दूसरी तरफ सरना समितियां के बंद को लेकर रांची जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है. बंद समर्थकों को चेतावनी देते हुए कहा गया है, कि बंद के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा करने उपद्रव करने और रांची की कानून व्यवस्था को तोड़ते हुए राजा की स्थिति उत्पन्न करने पर प्रशासन के द्वारा ऐसे लोगों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी.

रांची में झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही चल रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत झारखंड के 81 विधानसभा सीटों से निर्वाचित विधायक अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं लेकर पहुंच रहे. वहीं दूसरी तरफ रांची में आदिवासी संगठनों के द्वारा चक्का जाम और बंद बुलाए जाने के कारण आज रांची जिला प्रशासन के लिए आज का दिन काफी मुश्किल होने जा रहा है. आम लोग स्वत ही बंद को ध्यान में रखते हुए, आज अपने निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित कर रहे हैं.

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