6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर चलने को तैयार इंदौर मेट्रो, अंतिम मंजूरी का इंतजार

इंदौर: मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) जनक कुमार गर्ग और अन्य अधिकारियों ने दो दिनों में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण के एक हिस्से का निरीक्षण किया और सभी व्यवस्थाओं को भी जांचा। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के एक अधिकारी ने बताया कि एमपीएमआरसीएल इंदौर में मेट्रो रेल का वाणिज्यिक संचालन शुरू करने के लिए सीएमआरएस की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

उन्होंने बताया कि गर्ग के नेतृत्व में एक टीम ने सोमवार और मंगलवार को गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर तीन के बीच सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण, सिग्नल सिस्टम, दूरसंचार प्रणाली और अन्य व्यवस्थाओं का निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षण किया। मेट्रो रेल अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में शहर में 5.90 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल का ट्रायल रन सितंबर 2023 में किया जा चुका है। अधिकारी के अनुसार कुल 7500.80 करोड़ रुपए की लागत वाली इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण का शिलान्यास 14 सितंबर 2019 को किया गया था। करीब 31.50 किलोमीटर का सर्कुलर मेट्रो रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा।

जल्द ही 80 की स्पीड से दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन, जानें किराया

लंबे इंतजार के बीच मार्च के अंत तक इंदौर मेट्रो का कमर्शियल रन होने की उम्मीद है। कमर्शियल रन शुरू होने से इंदौर के लोगों के लिए सफर करना आसान हो जाएगा। कमर्शियल रन शुरू होने से पहले मेट्रो रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (सीएमआरएस) जनक कुमार गर्ग इंदौर पहुंचकर मेट्रो का निरीक्षण करेंगे।

निरीक्षण के दौरान 80 की स्पीड से दौड़ेगी मेट्रो

जानकारी के अनुसार मेट्रो रेलवे सेफ्टी कमिश्नर जनक कुमार गर्ग 24 मार्च को इंदौर पहुंचेंगे। वे मेट्रो का निरीक्षण करने के लिए दो दिन रुकेंगे। वे सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर में बने पांचों मेट्रो स्टेशनों का बारीकी से निरीक्षण करेंगे। इस दौरान सी-एमआरएस की टीम मेट्रो कोच में बैठकर स्पीड इंस्पेक्शन भी करेगी। इस दौरान मेट्रो कोच को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तय स्पीड से चलाया जाएगा। इससे पहले सीएमआरएस जनक कुमार गर्ग ने 22 जनवरी को इंदौर में मेट्रो डिपो और कोच का निरीक्षण किया था।

रेलवे से मिली मंजूरी

गौरतलब है कि भारत में मेट्रो रेलवे एक्ट के तहत संचालित होती हैं। ऐसे में वायडक्ट पर मेट्रो चलाने से पहले रेलवे बोर्ड से मंजूरी लेनी पड़ती है। इंदौर मेट्रो के संचालन के लिए रेलवे बोर्ड से मेट्रो कोच और ट्रैक से जुड़ी मंजूरी मिल गई है। रेलवे बोर्ड ने मेट्रो के कोच और ट्रैक को पूरी तरह से फिट घोषित कर दिया है। वहीं, अब रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद सी-एमआरएस द्वारा फाइनल जांच की जानी है। इस फाइनल जांच के बाद मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा।

15-30 मिनट पर होगा संचालन

जानकारी के अनुसार इंदौर में मेट्रो का एक सेट 15-30 मिनट के अंतराल पर संचालित किया जाएगा। हालांकि यात्रियों की संख्या के आधार पर समय बढ़ाया या घटाया जा सकता है। किराए की बात करें तो अभी तक इंदौर मेट्रो की ओर से कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि बताया जा रहा है कि इंदौर मेट्रो का न्यूनतम किराया 20 रुपए हो सकता है। साथ ही बताया जा रहा है कि शुरुआत में यात्रियों को 10 रुपए का प्रमोशनल डिस्काउंट देने की भी योजना बनाई जा रही है। मेट्रो प्रबंधन ने मार्च के आखिरी सप्ताह में इंदौर में कमर्शियल रन का लक्ष्य रखा था। लेकिन लगता है कि यह रन अप्रैल महीने में ही संभव हो पाएगा। इंदौर मेट्रो का संचालन गांधीनगर मेट्रो स्टेशन से सुपर कॉरिडोर मेट्रो स्टेशन क्रमांक 3 के बीच 5.9 किलोमीटर के हिस्से में किया जाएगा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *