30 मार्च को पीएम मोदी करेंगे महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कई बड़े प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री महाराष्ट्र के नागपुर और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।

पीएम मोदी रविवार को नागपुर में हिंदू नववर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रतिपदा कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान, वह आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद, वह दीक्षाभूमि पहुंचकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह वही स्थान है जहां डॉ. अंबेडकर और उनके अनुयायियों ने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाया था।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे, जो एक प्रमुख सुपर-स्पेशलिटी नेत्र चिकित्सा केंद्र है। इस सेंटर के नए विस्तार में 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 ओपीडी और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर शामिल होंगे। इस परियोजना का उद्देश्य लोगों को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना है। इसके बाद, प्रधानमंत्री नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में भी एक महत्वपूर्ण उद्घाटन करेंगे, जहां वे यूएवी के लिए 1,250 मीटर लंबी हवाई पट्टी और लाइव म्यूनिशन परीक्षण सुविधा का उद्घाटन करेंगे।

महाराष्ट्र के बाद पीएम मोदी बिलासपुर पहुंचेंगे, जहां वह 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं में विद्युत, तेल एवं गैस, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास क्षेत्रों से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ में एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना के तीसरे चरण की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत लगभग 9,790 करोड़ रुपये है। यह पिट हेड परियोजना उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। वह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना के कार्य की शुरुआत करेंगे। वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना के तहत 560 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

देश के नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों, वायु प्रदूषण में कमी लाने और स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रदान करने के अनुरूप, प्रधानमंत्री कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस वितरण परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसमें 200 किलोमीटर से अधिक हाई प्रेशर पाइपलाइन और 800 किलोमीटर से अधिक एमडीपीई पाइपलाइन और 1,285 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कई सीएनजी डिस्पेंसिंग आउटलेट शामिल हैं।

वह हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन परियोजना की भी आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 2,210 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इस बहुउत्पाद (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन) पाइपलाइन की क्षमता 30 लाख टन प्रति वर्ष से अधिक होगी।

क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह मंदिर हसौद के माध्यम से अभनपुर-रायपुर खंड में मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। वह छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं भीड़भाड़ को कम करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और पूरे क्षेत्र में सामाजिक तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।

छत्तीसगढ़ में सड़क के बुनियादी ढांचे को बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री एनएच-930 के झलमला से शेरपार खंड (37 किलोमीटर) और एनएच-43 के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड (75 किलोमीटर) को दो लेन में अपग्रेड करके राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह एनएच-130डी के कोंडागांव-नारायणपुर खंड (47.5 किमी) को दो लेन में अपग्रेड करने की आधारशिला भी रखेंगे। कुल 1,270 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इन परियोजनाओं से आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

इसके अलावा, पीएम मोदी दो प्रमुख शैक्षिक पहलों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें राज्य के 29 जिलों में 130  स्कूल और रायपुर में “विद्या समीक्षा केंद्र” शामिल हैं। पीएम  के तहत 130 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। ये स्कूल अच्छी तरह से संरचित बुनियादी ढांचे, स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में मदद करेंगे। रायपुर में वीएसके विभिन्न शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और डेटा विश्लेषण को सक्षम करेगा।

ग्रामीण परिवारों के लिए उचित आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत तीन लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा। प्रधानमंत्री इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *