प्रयागराज से फर्जी डॉक्टर की गिरफ्तारी, दमोह अस्पताल में मानव आयोग की टीम का दौरा

दमोह: मिशन अस्पताल में लंदन के मशहूर कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ एन जान केम के नाम पर फर्जी तरीके से हार्ट सर्जरी करने वाले आरोपी डाॅ नरेन्द्र यादव को प्रयागराज से दमोह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वो प्रयागराज एक टाउनशिप में रह रहा था. वहीं दूसरी तरफ मानव अधिकार आयोग के तीन सदस्यीय दल ने सोमवार शाम मिशन अस्पताल पहुंचकर जांच पडताल और पूछताछ की है. आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि एसपी दमोह श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने की है.

प्रयागराज से गिरफ्तार हुआ डाॅक्टर
लंदन के कार्डियोलाॅजिस्ट के नाम पर हार्ट सर्जरी कर लोगों की जान लेने वाले डाॅ नरेन्द्र यादव को दमोह पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही यूपी के प्रयागराज की एक टाउनशिप से गिरफ्तार कर लिया है. यूपी पुलिस से उसकी कस्टडी भी दमोह पुलिस को मिल गयी है. दमोह पुलिस आरोपी डाक्टर को लेकर दमोह के लिए रवाना हो गयी. आरोपी डाक्टर के पास कुछ फाइल और दस्तावेज बरामद हुए हैं. एसपी श्रुतिकीर्ति का कहना है कि "इस मामले में डाॅक्टर के बयान के आधार पर और भी लोगों पर मामले दर्ज किए जा सकते हैं.

मानव अधिकार आयोग की टीम ने की जांच
वहीं दूसरी तरफ मानव अधिकार आयोग का तीन सदस्यीय जांच दल आज दमोह पहुंचा. सबसे पहले उन्होंने स्थानीय सर्किट हाउस में पीड़ित पक्ष के लोगों से मुलाकात की. जहां शिकायकर्ता दीपक तिवारी ने डॉक्टर के खिलाफ देर रात हुई एफआईआर पर सवाल खडे़ किए हैं. इस मामले में उन्होंने सिविल सर्जन की भूमिका पर संदेह जताया.वहीं सर्किट हाउस के बाद करीब 5 बजे जांच दल ने मिशन अस्पताल पहुंचकर पूछताछ की, जो करीब 4 घंटे चली. जांच दल ने मीडिया से कोई जानकारी साझा नहीं की है. जांच दल के साथ दमोह एसडीएम और पुलिस के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे.

क्या कहना है एसपी का
एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा है कि "हमने प्रयागराज से आरोपी डाॅक्टर को पकड़ा है. हमारी टीम इस पर काम कर रही थी. प्रयागराज की एक टाउनशिप से हमने उसको पकड़ा है. हमारी टीम उसको लेकर आ रही है. उसके पास से कुछ फाइल और दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. मुकदमा दर्ज होते ही कुछ ही घंटों में गिरफ्तारी के सवाल पर एसपी ने कहा कि हमारी टीम लगातार इस पर काम कर रही थी.
जब से ये मामला सामने आया, तो हम लगातार काम कर रहे थे. डाॅक्टर के बारे में पता चला था कि ये लगातार फरार होता रहता है. यहां से भी ये फरार हुआ था. हमारी टीमें और साइबर की टीम लगातार बीती रात से इसका पता लगाने में जुटी थी. साइबर की टीम ने हमें कुछ डाॅक्टर के बारे में जानकारी मुहैया करायी थी. उसी इनपुट के आधार पर हमने उसे पकड़ लिया.
इस मामले में अन्य आरोपियों पर एफआईआर या नामों के खुलासों को लेकर एसपी ने कहा कि मैं पहले भी ये आपको बता चुका हूं कि इस मामले में डाॅक्टर की जो गलतियां थी, जिस पर मौतों की बात सामने आ रही है. वो डाक्टर के बयान को हम शामिल करेंगे. अस्पताल प्रबंधन या किसी और व्यक्ति पर आरोप लग रहे हैं. इस पर सीएमएचओ से जानकारी मांगी गयी है. मौतों को लेकर मेडिकल जांच कर रही टीम जैसी जानकारी देगी, उसके अनुसार काम किया जाएगा.
 

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