डेथ मास्टर लिस्ट के जरिए ट्रंप का वार, प्रवासियों को झेलनी पड़ेगी आर्थिक मार

वाशिंगटन। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को खुद ही देश छोड़ने के लिए मजबूर करने की एक नई योजना बनाई है। इस योजना के तहत ऐसे लोगों को सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन की "डेथ मास्टर लिस्ट" में शामिल किया जाएगा, जिसमें आमतौर पर मृत व्यक्तियों के नाम होते हैं। इससे इन प्रवासियों के सोशल सिक्योरिटी नंबर (SSN) निष्क्रिय हो जाएंगे और वे सरकारी लाभों और वित्तीय सेवाओं से वंचित हो जाएंगे।

यह जानकारी एक प्रशासनिक अधिकारी ने दी, जिन्होंने नाम उजागर न करने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया। यह योजना उन प्रवासियों पर लागू होगी जिन्हें बाइडेन प्रशासन के तहत अमेरिका में कानूनी रूप से अस्थायी दर्जा दिया गया था, लेकिन अब वह दर्जा रद कर दिया गया है।

सोशल सिक्योरिटी नंबर बंद होने से क्या होगा असर?
सोशल सिक्योरिटी नंबर अमेरिका में टैक्स भरने और सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जरूरी होता है। इसके बिना कोई व्यक्ति बैंक खाता नहीं खोल सकता, क्रेडिट कार्ड नहीं ले सकता और न ही कई अन्य जरूरी आर्थिक काम कर सकता है।

इस योजना का मकसद यह है कि अवैध रूप से रह रहे लोग जब खुद को पूरी तरह से आर्थिक रूप से कटे हुए पाएंगे, तो वे खुद ही अमेरिका छोड़ देंगे। रिपोर्ट के अनुसार, यह योजना ट्रंप प्रशासन द्वारा संवेदनशील डाटा के इस्तेमाल को और बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है।

6,300 अपराधी या संदिग्ध आतंकवादी पहले से लिस्ट में
रिपोर्ट मे दस्तावेजों के हवाले से बताया कि अब तक 6,300 से अधिक ऐसे लोगों के नाम “डेथ मास्टर लिस्ट” में डाले जा चुके हैं, जिन्हें या तो अपराधी माना गया है या आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा हुआ समझा गया है।
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि अगर अमेरिका में रहने के लिए कोई आर्थिक या कानूनी फायदा नहीं मिलेगा, तो लोग खुद ही वापस लौट जाएंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के सहायक प्रेस सचिव लिज़ हस्टन ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने वादा किया था कि अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और यह योजना उसी दिशा में एक कदम है।"

टैक्स डेटा भी अब इमिग्रेशन अधिकारियों को मिलेगा
सोमवार को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग, आंतरिक राजस्व सेवा (IRS) और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत प्रवासियों का टैक्स डेटा अब इमिग्रेशन अधिकारियों को दिया जाएगा ताकि वे ऐसे लोगों का पता लगा सकें।

इस फैसले के चलते IRS के कार्यवाहक प्रमुख और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन अब उन प्रवासियों पर $998 प्रति दिन का जुर्माना लगाने की तैयारी में है, जो निर्वासन के आदेश के बावजूद अमेरिका नहीं छोड़ते। अगर वे जुर्माना नहीं चुकाते, तो उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।

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