युवक को गंदगी खिलाने का आरोप, पटवारी से मिले पीड़ित:अशोकनगर एसपी बोले-घटना झूठी

अशोकनगर में एक युवक को कथित रूप से गंदगी खिलाने और निर्वस्त्र कर मारपीट करने के मामले में राजनीति शुरू हो गई है। बुधवार को पीड़ित और उसके परिजन ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से मुलाकात की और उन्हें अपने साथ हुआ घटनाक्रम बताया। कहा कि पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही है।

जीतू पटवारी ने पीड़ित की बात सुनकर मौके से ही कलेक्टर को फोन लगाया और उन्हें कार्रवाई करने को कहा। बता दें कि गांव के सरपंच के पति और बेटे पर युवक के साथ बदसलूकी करने के आरोप है।

इस पर कलेक्टर ने कहा कि सरपंच और पीड़ित के बीच आपसी लेन-देन का मामला था। युवक खुद अपने आरोपों से पलट गया था। एसपी विनीत कुमार जैन ने कहा कि यह घटना पूरी तरह से असत्य है। वहीं शिकायत पर ADM और CEO जिला पंचायत के संयुक्त जांच की थी, जिसकी रिपोर्ट में कहा गया कि युवक के सभी आरोप झूठे पाए गए हैं।

इस बीच बुधवार को ही एक वीडियो सामने आया है। जिसमें पीड़ित का बड़ा भाई और आरोपी एक साथ नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में पीड़ित का भाई 25 लाख रुपए में मामला सैटल करने की बात कर रहा है।

पटवारी बोले- मामला राहुल गांधी तक पहुंच गया है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कलेक्टर आदित्य सिंह को फोन पर कहा- गंदगी खिलाना कितना बड़ा अपराध है, आप इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। पटवारी ने कहा कि अगर 8 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वह स्वयं मौके पर पहुंचेंगे और किसी अनहोनी की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

पटवारी ने यह भी बताया कि यह मामला कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक पहुंच चुका है। उन्होंने इस विषय पर जानकारी मांगी है।

जानिए क्या है पूरा मामला ये पूरा मामला अशोकनगर जिले के मुंगावली थाना क्षेत्र के मूड़रा बरवाह गांव का है। गांव का एक युवक 10 जून को जनसुनवाई में पहुंचा था। उनसे आरोप लगाया था कि राशन पर्ची को लेकर विवाद के बाद सरपंच ने उसके भाई की मोटरसाइकिल रख ली थी। जब वह बाइक लेने गया तो विकास यादव और उसके पिता राजन यादव ने उसके साथ मारपीट की और उसे गंदगी खिलाई।

पीड़ित ने कार्रवाई नहीं होने पर खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश भी की थी। पीड़ित का कहना है कि उसने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की और थाने से भगा दिया गया।

आरोप से पलट गया था पीड़ित शिकायत के अगले ही दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें पीड़ित ने कहा कि उसके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई। हालांकि, बाद में उसने खुद बयान दिया कि यह वीडियो दबाव में बनवाया गया था। 17 जून को प्रशासन को एक बार फिर से सभी लोगों ने ज्ञापन दिया था।

इसके बाद वह घर नहीं गये थे, रात भर कलेक्ट्रेट कार्यालय में भी रुके थे। 18 जून को लोधी समाज के लोगों ने एकत्र होकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की थी।

एसपी ने कहा- यह घटना पूरी तरह से असत्य है पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जैन ने कहा कि यह घटना पूरी तरह से असत्य है। मल खिलाने की कोई भी घटना नहीं हुई है l वस्तु स्थिति यह है कि 10 अप्रैल को ग्राम मूडरा के विकास यादव ने फोन पर शिकायत दर्ज कराई थी कि यह युवक शराब के नशे में उत्पाद मचा रहा है। पत्थर फेंक रहा है।

युवक के भाई ने एसडीओपी मुंगावली को फोन किया। एसडीओपी मुंगावली ने भी पता करके यही बताया कि आपके भाई के साथ कोई मारपीट नहीं हुई। थाने में भी वह शराब के नशे में होने की वजह से सही से चल नहीं पा रहे थे और सही से बात भी नहीं कर पा रहे थे। इसके बाद उनकी मां आ गई थी तो साथ में भेज दिए थे।

उस समय किसी भी प्रकार की मल खिलाने वाली बात नहीं की गई थी। 10 जुलाई को जब कलेक्टर से शिकायत की तो उसमें भी ना तो आवेदन में यह बात लिखी थी और ना ही मौखिक बताई थी। सारे तथ्यों को वैरीफाई कर चुके हैं। इसमें मल खिलाने के आरोप असत्य हैं।

जात-पात का नहीं, इंसानियत का सवाल पटवारी ने स्पष्ट किया कि यह मामला किसी जाति या धर्म से नहीं जुड़ा है, बल्कि यह एक इंसानियत का मुद्दा है। गरीब होना कोई अपराध नहीं है और जिसने भी यह कृत्य किया है, वह अपराधी है। जीतू पटवारी ने इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर शेयर किया और भाजपा को घेरा। जिसमें उन्होंने लिखा कि जो लोग ऐसा कृत कर रहे हैं वह भाजपा विधायक के करीबी हैं।

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