पिता करते थे बढ़ई का काम, बिटिया ने अंग्रेजों को रौंद रचा इतिहास, हर भारतीय को गर्व होगा

नई दल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी20 मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया ने 24 रन से दमदार जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। टीम इंडिया की इस जीत में जेमिमा रोड्रिग्स और अमनजोत कौर ने बल्लेबाजी से धमाल मचाया। अमनजोत कौर ने गेंदबाजी में भी अपना दम दिखाते हुए एक विकेट हासिल की। उससे पहले उन्होंने नाबाद 63 रनों की पारी खेली। अमनजोत को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

बता दें कि अमनजोत कौर भारतीय टीम की नई राइजिंग स्टार मानी जा रही हैं। अमनजोत कौर ना सिर्फ बल्लेबाजी में बल्कि गेंदबाजी में भी टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित होती हैं। खास तौर से मिडिल ऑर्डर बैटिंग में अमनजोत की भूमिका काफी अहम रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं टीम इंडिया की नई सेनसेशन अमनजोत कौर।

कौन हैं अमनजोत कौर ?
अमनजोत कौर मूल रूप से पंजाब के मोहाली की रहने वाली हैं। अमनजोत कौर एक साधारण परिवार से आती हैं, लेकिन इसके बावजूद क्रिकेट के लिए उनके जुनून को देखकर उनकी फैमिली उन्हें हर तरह से सपोर्ट किया। खास तौर से उनके पिता की अमनजोत को क्रिकेटर बनाने में अहम भूमिका रही। अमनजोत के पिता भुपिंदर सिंह पेशे से एक कारपेंटर हैं और वे मोहाली में एक दुकान पर काम करते हैं।बता दें कि अमनजोत कौर ने क्रिकेट की शुरुआत लड़कों के साथ खेलते हुए की थी। अमनजोत के पिता एक मामूली कारपेंटर होने के बावजूद अपनी बेटी को क्रिकेटर बनाने के लिए जुनून को परवान चढ़ने से नहीं रोका। अमनजोत जब 15 साल की थी तो उनके पिता ने उनका दाखिला क्रिकेट एकेडमी में कराया था। अमनजोत के पिता उन्हें हर रोज एकेडमी छोड़ने और लेने जाते थे। इसके लिए उन्हें अपने कामों में भी कटौती करनी पड़ती थी।

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