एक प्लेटफार्म पर होगा सारे विभागों का डाटा, योजना को कैबिनेट की मंजूरी

भोपाल। प्रदेश के सारे विभागों का डाटा अब एक प्लेटफार्म पर होगा। इसके लिए इंट्रीग्रेटेड डाटा पोर्टल बनाया जाएगा। विभिन्न विभागों से आफलाइन की जगह आनलाइन पद्धति से आंकड़े (डाटा) लेकर इस पोर्टल पर एकत्र किया जाएगा। सरकार के पास बहुत सारा डाटा (आंकड़े) होता है, लेकिन उसका सही तरह से उपयोग करना एक बड़ी चुनौती है। कई विभाग एक ही उद्देश्य से अलग-अलग योजनाएं चलाते हैं, इससे सरकार पर वित्तीय भार आता है। इससे बचने के लिए एक ही प्लेटफार्म पर डाटा रखने की योजना लाई गई।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी दी गई।
  • बैठक में गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए व्यय होने वाली राशि का भी अनुमोदन किया गया।
  • डाटा सुदृढ़ीकरण योजना से सरकार को डाटा के आधार पर बेहतर और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। साथ ही डाटा और उसका विश्लेषण समय पर मिलने से सरकार बेहतर नीति बना सकेगी।
  • शोध करने वाले और नीति-निर्माताओं को भी डाटा उपलब्ध होगा, जिससे नई योजनाओं का निर्माण आसान होगा।
  • आमजन को भी जानकारी मिल सकेगी, जिससे शासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा।
  • डाटा की उपलब्धता से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसमें डाटा की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

    मप्र राजस्थान मिल करेंगे गांधीसागर, राणाप्रताप सागर जल विद्युत गृह की इकाइयों का नवीनीकरण

    • मध्य प्रदेश और राजस्थान दोनों मिलकर गांधीसागर और राणाप्रताप सागर जल विद्युत गृह इकाइयों का नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण करेंगे।
    • मध्य प्रदेश सरकार इन परियोजनाओं के नवीनीकरण पर 127.06 करोड़ व्यय करेगी। कैबिनेट की बैठक में 127.06 करोड़ रुपये वर्षवार प्रदान करने का अनुमोदन किया गया।
    • मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत गांधीसागर जल विद्युत गृह की पांचों इकाइयों (5×23 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण पर 464 करोड़ 55 लाख रुपये व्यय होगा।
    • वहीं राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह की चारों इकाइयों (4×43 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण में 573 करोड़ 76 लाख रुपये व्यय होंगे। कुल 1028.31 करोड़ रुपये में से 50-50 प्रतिशत राजस्थान और मप्र सरकार वहन करेगी।
    • मध्य प्रदेश की हिस्से की राशि 127 करोड़ छह लाख रुपये को वर्षवार प्रदान करने का अनुमोदन किया गया। मशीनरी बदलने के लिए राशि का व्यय होगा।
    • परियोजना अगले 40 साल के लिए उपयोगी है। दोनों प्रदेशों की विद्युत उत्पादन कंपनियां अपने-अपने राज्य में स्थित परियोजना का क्रियान्वयन करेंगी।
    • कार्यों की लागत का लेखा-जोखा पारदर्शी रूप से संधारित कर एक दूसरे से साझा करेंगी।

    यह भी लिए निर्णय

    विक्रमोत्सव व्यापार मेला उज्जैन वर्ष-2025 में मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन किया।ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन किया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *