न डॉलर, न पाउंड… एक साल में रिजर्व बैंक ने अपने खजाने में सबसे ज्यादा बढ़ाया सोना, जून में की खूब खरीदारी

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने जून के आखिरी हफ्ते में खूब सोना खरीदा। इस दौरान लगभग आधा टन सोना खरीदा गया। इस वित्तीय वर्ष में रिजर्व बैंक ने सोना खरीदने में थोड़ी सावधानी बरती थी, लेकिन बाद में खरीदारी तेज कर दी। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक रिजर्व बैंक के पास 27 जून तक कुल 879.8 टन सोना था। पिछले हफ्ते यह आंकड़ा 879.6 टन था। इसका मतलब है कि आरबीआई ने एक हफ्ते में 4 क्विंटल सोना खरीदा है।

पिछले कुछ सालों में सोना भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा बन गया है। पिछले 5 सालों में सोने की कीमत 80% से ज्यादा बढ़ गई है। 18 जुलाई 2025 तक भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 12.1% हो गई। एक साल पहले यानी 19 जुलाई 2024 को यह 8.9% थी।

रिटर्न का भी ध्यान

सोना महंगाई से बचने का एक अच्छा तरीका माना जाता है। इसलिए, कई संस्थाएं इसमें निवेश कर रही हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले तीन सालों में केंद्रीय बैंकों ने हर साल 1000 टन से ज्यादा सोना खरीदा है। यह सामान्य खरीदारी से काफी ज्यादा है।

रिजर्व बैंक की विदेशी मुद्रा भंडार की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में रिजर्व प्रबंधन के दो मुख्य उद्देश्य हैं। पहला- सुरक्षा और दूसरा- तरलता। लेकिन, इसके साथ ही रिटर्न को भी ध्यान में रखा जाता है। यानी रिजर्व बैंक सोना खरीदते समय यह देखता है कि इससे अच्छा मुनाफा हो

खरीदारी ज्यादा, बिक्री कम

भारत में सोने पर रिटर्न सबसे ज्यादा है। फिर भी रिजर्व बैंक अपना सोना बहुत कम बेचता है। आरबीआई ने आखिरी बार मार्च के आखिरी हफ्ते में सोना खरीदा था।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुमानों के अनुसार, इस साल के पहले छह महीनों में सोने ने 26% का रिटर्न दिया है। निवेश के नजरिए से देखें तो यह भारत के लिए सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला निवेश है। सिर्फ तुर्की में सोने से 40% से ज्यादा का रिटर्न मिला है, जो भारत से ज्यादा है।

भारत में सोने से मिलने वाला रिटर्न, पाउंड, येन और यूरो जैसी विकसित देशों की मुद्राओं से भी ज्यादा है। यहां तक कि चीन की मुद्रा रेनमिनबी से भी ज्यादा रिटर्न मिला है, जबकि चीन सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है।

रिजर्व बैंक क्यों कर रहा निवेश?
सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। जब दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता होती है, तो लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं। इससे सोने की मांग बढ़ती है और इसकी कीमत भी बढ़ जाती है। रिजर्व बैंक भी इसी वजह से सोने में निवेश कर रहा है। इससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। साथ ही, इससे अच्छा रिटर्न भी मिलता है।


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