पंचायतों के काम में कसावट लाने भोपाल में कार्यशाला:प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने बनाई कार्ययोजना

पंचायत राज संचालनालय मध्यप्रदेश की आज विकास भवन में कार्यशाला आयोजित की गई है। इसका मकसद पंचायतों के कामकाज को और बेहतर, पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना है।

कार्यशाला में 52 जिलों के जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, टॉप और सबसे कम रैंक वाली पंचायतों के सरपंच समेत कुल 536 लोग शामिल हो रहे है। इनमें पंचायत सचिव, सहायक सचिव और 16 विभागों के नोडल अधिकारी भी मौजूद है।

कार्यशाला में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग दीपाली रस्तोगी ने अच्छे काम करने वाले सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों को सम्मानित किया।

समस्याएं गांव में ही हल कराएं

रस्तोगी ने कहा कि सरपंच एवं अधिकारी पंचायती राज की भावना को सशक्त बनाएं। गांव की समस्याओं का समाधान गांव में बैठकर ही करें। ग्रामसभा की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करें और गांव के विकास से संबंधित निर्णय सामूहिक रूप से लें।

उन्होंने कहा, हमारा देश गांवों में बसता है। शासन से मिलने वाली राशि का पारदर्शी और ईमानदार उपयोग सुनिश्चित करें। पंचायत को एक सरकार मानकर सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करें।

पंचायत राज संचालनालय के संचालक छोटे सिंह ने कार्यशाला में पीएआई (PAI) के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा, पीएआई को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर उतारने की जरूरत है। ग्रामसभा की बैठकें पंचायती शासन का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *