उम्मेद भवन पैलेस में 73 साल बाद भी भटकती है इस एक्ट्रेस की आत्मा! बदलवाया गया था धर्म, बेटे का काटा गया था सिर

इस एक्ट्रेस की गिनती 50 के दशक की खूबसूरत हसीनाओं में की जाती थी, लेकिन यह कभी न तो आजादी से जी पाई और ना ही अपने सपने पूरे कर पाई। इस एक्ट्रेस पर जोधपुरी के एक महाराजा का दिल आ गया था, जिसने इस एक्ट्रेस को अपनी रानी बना लिया था। हालांकि, बाद में इस एक्ट्रेस की दर्दनाक मौत हो गई, जिस पर आज भी रहस्य बना हुआ है। बताते हैं कि इस एक्ट्रेस की आत्मा आज भी उम्मेद भवन पैलेस के आसपास भटकती है। इसके बेटे को भी बुरी तरह मौत के घाट उतार दिया गया था। इसका सिर काटकर सड़क पर फेंक दिया गया था।

इस एक्ट्रेस की साल 1952 में मौत हो गई थी और 73 साल बाद भी मौत एक राज है। इसकी जिंदगी पर बाद में एक फिल्म बनी थी, जिसमें करिश्मा कपूर ने इस एक्ट्रेस का किरदार निभाया था। उस फिल्म की कहानी इस एक्ट्रेस के दूसरे बेटे ने लिखी थी, जो पहली शादी से हुआ था। वो फिल्म थी ‘जुबैदा’। उसमें करिश्मा के अलावा रेखा भी थीं।

जुबैदा बेगम था नाम, जुबैदा के नाम से पॉपुलैरिटी मिली

ये थीं एक्ट्रेस जुबैदा बेगम, जो जुबैदा के नाम से मशहूर हुईं। वह साल 1926 में बॉम्बे में पैदा हुई थीं। उनके पिता श्री कासेमभाई मेहता थे, जो एक स्टूडियो के मालिक थे। वह काफी अमीर थे। जुबैदा की मां एक सिंगर थीं। चूंकि पिता और मां दोनों का फिल्मों और संगीत की दुनिया से नाता था, इसलिए जुबैदा की भी एक्टिंग में दिलचस्पी बढ़ने लगी। जुबैदा स्कूल के बाद पिता के स्टूडियो जाने लगीं, जहां बड़ी-बड़ी फिल्मी हस्तियां काम के सिलसिले में आती रहती थीं।

पिता थे एक्टिंग के खिलाफ, पता चला तो पिस्तौल लेकर पहुंचे

हालांकि, जुबैदा के पिता को यह बिल्कुल भी पसंद नहीं था कि बेटी एक्टिंग करे या फिर फिल्मों में नाच-गाना करे। जब जुबैदा को एक डायरेक्टर ने स्टूडियो में देखा तो एक फिल्म का ऑफर दिया। जुबैदा तुरंत मान गईं और पिता को बताए बिना शूटिंग भी शुरू कर दी। बताया जाता है कि जब जुबैदा के पिता को इसकी खबर लगी तो वह गुस्से से आगबबूला हो गए और पिस्तौल लेकर सेट पर ही पहुंच गए। उन्होंने फिल्म की शूटिंग की रुकवा दी।

जबरदस्ती करवा दी शादी, मनमुटाव बढ़ा तो पिता ने तलाक भी करवा दिया

जुबैदा पर एक्टिंग का भूत सवार था। वह पीछे हटने को तैयार नहीं थीं। इसलिए पिता ने उनकी शादी जबरदस्ती करवा दी। वह लड़का जुबैदा के पिता के दोस्त का बेटा था और कराची का रहने वाला था। उन्होंने उसे घर जमाई बना लिया। जुबैदा ने शादी के बाद एक बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम खालिद मोहम्मद रखा गया। शादी के कुछ साल तक तो सब अच्छा चलता रहा, पर बाद में उनके बीच मनमुटाव बढ़ गए। बताया जाता है कि इससे तंग आकर जुबैदा के पिता ने उनका पति से तलाक करवा दिया।

पिता की गर्लफ्रेंड पार्टी में ले गई, महाराजा हनवंत सिंह से मिलीं

जुबैदा टूट गईं और उन्होंने खुद को घर में ही कैद कर लिया। उधर, पिता गर्लफ्रेंड के साथ खुशहाल जिंदगी जी रहे थे। हालांकि, जब पिता की गर्लफ्रेंड ने जुबैदा का हाल देखा, तो वह उन्हें बाहर ले जाने लगीं। ऐसे ही एक बार राजसी परिवार की पार्टी में गईं। वहां जोधपुर के महाराजा हनवंत सिंह भी थे। वह जुबैदा पर फिदा हो गए।


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