मुझे जहर दे दीजिए… कोर्ट में बिलख पड़े एक्‍टर दर्शन, कहा- 30 दिनों से धूप नहीं देखी! जज ने जमकर लगाई फटकार

रेणुकास्वामी मर्डर केस में जेल में बंद कन्नड़ एक्‍टर दर्शन कोर्ट के सामने बिलख पड़े। मंगलवार को कर्नाटक के बेंगलुरु की एक अदालत से उन्‍होंने ‘जहर’ देने की अपील की। वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश हुए दर्शन थूगुदीपा ने अपनी बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए जेल ट्रांसफर की अपील की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। दर्शन ने सुनवाई के दौरान अदालत ने रोते हुए कहा कि उनकी हाथों में फंगल इन्फेक्शन हो गया है और 30 दिनों से धूप नहीं देखी है।

दर्शन ने परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार से खुद को बल्लारी जेल ट्रासंफर किए जाने को लेकर याचिका दी थी। वह रेणुकास्वामी नाम के एक फैन की हत्‍या के मामले में आरोपी हैं, जिसने कथित तौर पर दर्शन की करीबी को-स्‍टार पवित्रा को अश्लील मैसेज भेजे थे। दर्शन पर पवित्रा गौड़ा और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर 33 साल के रेणुकास्वामी का अपहरण करने, उसे निर्दयता से पीटने और फिर हत्‍या करने के आरोप हैं।

आंखों में आंसू और सदमे में दिख रहे थे दर्शन

मंगलवार को सिटी सिविल एंड सेशन कोर्ट हॉल 64 में हाई वॉल्‍टेज ड्रामा हुआ। एक्‍टर दर्शन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक के जरिए पेश हुए और दावा किया कि जेल के अंदर रहने की स्थिति असहनीय है। एक्‍टर ने कहा कि उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है। आंखों में आंसू और सदमे में दिख रहे दर्शन ने कहा कि उन्हें जेल की कोठरी में बंद कर दिया गया है और जेल के अंदर चलने की भी इजाजत नहीं है।

जज ने दर्शन को लगाई फटकार

जब अदालत को उनके ट्रासंफर की अपील को यह कहते हुए खारिज किया कि इसका कोई ठोस आधार नहीं है, तो दर्शन फफक पड़े। उन्‍होंने जज से कहा, ‘मुझे जहर दे दीजिए, या फिर कृपया यह आदेश पारित करें।’ हालांकि, इस पर जज ने एक्‍टर को जमकर फटकार लगाई और साफ शब्‍दों में इस तरह की बातें दोबारा नहीं दोहराने की हिदायत दी।

दर्शन बोले- मेरे कपड़ों से बदबू आ रही, ऐसे नहीं रह सकता

सुनवाई के दौरान दर्शन ने कहा, ‘मैंने कई दिनों से धूप नहीं देखी है, मेरे हाथों में फंगल इन्फेक्शन हो गया है और मेरे कपड़ों से बदबू आ रही है। मैं अब इस तरह नहीं रह सकता।’

कोर्ट ने जेल अध‍िकारियों से कहा- दर्शन को चादर और तकिया दीजिए

कोर्ट ने हालांकि, ट्रासंफर की अपील खारिज करते हुए जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आरोपी को जेल के अंदर घूमने दें। जेल नियमावली के अनुसार उन्हें तकिए और चादर भी उपलब्ध करवाया जाए। अदालत ने अब मामले की सुनवाई 19 सितंबर तक स्थगित करते हुए कहा कि यदि शर्तों का कोई उल्लंघन या कोई दुर्व्यवहार होता है, तो जेल सुधार सेवा विभाग निर्णय ले सकता है।

2024 में गिरफ्तारी, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की थी जमानत

जानकारी के लिए बता दें कि दर्शन को चित्रदुर्ग से जून 2024 में गिरफ्तार किया गया था। अगस्त 2024 में जब उन्हें परप्पना अगरहारा केंद्रीय कारागार में विचाराधीन कैदी के रूप में रखा गया था, तो उन्हें कथित तौर पर विशेष सुविधाएं दी गईं, जिन पर खूब विवाद हुआ। बाद में उन्हें बल्लारी जेल ट्रांसफर कर दिया गया। इस बीच हाई कोर्ट ने एक्‍टर को जमानत दे दी थी, जिसे इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया।

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