चोकसी को भारत लाने की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू

भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम से भारत प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की कार्यवाही 15 सितंबर को शुरू होगी। ये जानकारी न्यूज एजेंसी PTI ने दी है। चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ ₹13,850 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

मामले की सुनवाई बेल्जियम के फेडरल कोर्ट में होगी। इसमें भारत की ओर से CBI और विदेश मंत्रालय (MEA) के वकील अपना पक्ष रखेंगे। 8 सितंबर को भारत ने बेल्जियम को लिखित गारंटी दी है। केंद्र ने बेल्जियम सरकार को एक लेटर में बताया था कि चोकसी को मुंबई के आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर-12 में रखा जाएगा। वहां एक कोठरी में 6 लोगों के रहने की क्षमता है।

लेटर में कहा गया कि अगर चोकसी को बेल्जियम से भारत लाया जाता है तो उसके साथ मानवीय व्यवहार किया जाएगा। उसे 14 से ज्यादा सुविधाएं देने का भरोसा दिया है। इसमें 24 घंटे मेडिकल केयर, साफ पानी, अच्छा खाना और स्पेशलिस्ट डॉक्टर की सुविधा। 

CBI-विदेश मंत्रालय सबूत नहीं दे पाए तो रिहा हो सकता है चोकसी

हालांकि, चोकसी के वकील ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताया और जमानत मांगी, लेकिन कोर्ट ने खारिज कर दी। चोकसी के वकील अपने क्लाइंट की हेल्थ प्रॉब्लम्स का हवाला दे रहे हैं, लेकिन भारत का कहना है कि इलाज देश में भी हो सकता है। अगर कोर्ट भारत के सबूतों से सहमत होता है तो चोकसी को भारत भेजा जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोकसी के वकील रिहाई के लिए भी अपील दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें वे मेडिकल समेत कई अन्य दलील पेश कर सकते हैं। यदि बेल्जियम की अदालत इन दलीलों को स्वीकार करती है तो रिहाई संभव हो सकती है।

    12 अप्रैल को बेल्जियम में गिरफ्तार हुआ था चोकसी

    भारतीय जांच एजेंसियों के प्रत्यर्पण की अपील पर चोकसी को 12 अप्रैल को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था। वह और उसका भतीजा नीरव मोदी, PNB धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हैं। भगोड़ा नीरव मोदी लंदन में है। उसके प्रत्यर्पण के लिए भी कोशिशें जारी हैं। दोनों ने 2018 में भारत छोड़ दिया था।

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