भोपाल के एकमात्र नौ देवी मंदिर में सतचंडी हवन प्रारंभ:यहां मां भगवती 9 स्वरूपों में है विराजमान; 1986 में हुई थी प्रतिमा की स्थापना

मां वैष्णो धाम आदर्श नो दुर्गा मंदिर, भोपाल का एकमात्र नौ देवी मंदिर है, जहां मां भगवती अपने नौ स्वरूपों के साथ विराजमान हैं। इस साल यहां दुर्गा उत्सव का 50वां वर्ष मनाया जा रहा है। महाष्टमी पर मंदिर में वैदिक ब्राह्मणों द्वारा सतचंडी हवन सुबह से ही विधि-विधान के साथ शुरू हो गया है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त आस्था की आहुति दे रहे हैं।

मंदिर के व्यवस्थापक पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि यहां चारों नवरात्रि पर वैदिक ब्राह्मणों द्वारा शतचंडी पाठ कराया जाता है। भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ज्योत प्रज्वलित करवाते हैं। अविवाहित कन्याएं वर प्राप्ति के लिए मां भगवती से प्रार्थना करती हैं, वहीं नवविवाहित दंपत्ति मां की गोद भरकर सुख-समृद्धि और वंश वृद्धि की कामना करते हैं।

मंदिर के इतिहास पर नजर डालें तो 1976 से यहां दुर्गा उत्सव का आयोजन शुरू हुआ था। मां भगवती की डेढ़ फीट की प्रतिमा की स्थापना 1986 में एक छोटी-सी मड़िया में हुई थी। उस समय यह मंदिर ‘आदर्श नो दुर्गा मंदिर’ के नाम से जाना जाता था।

बाद में 1998 में शारदीय नवरात्रि के दौरान नौ देवियों की प्राण-प्रतिष्ठा की गई और मंदिर का नाम ‘आदर्श नो दुर्गा मंदिर’ रखा गया। 2014 में मंदिर का जीर्णोद्धार कर अलग-अलग देवी-देवताओं की स्थापना की गई।

वर्तमान में मंदिर परिसर में लक्ष्मी-नारायण, राधा-कृष्ण, राम दरबार, भवानी-शंकर, खाटू श्याम जी और हनुमान जी महाराज के पांच-पांच फीट के भव्य स्वरूप भी विराजमान हैं। मंदिर का शिखर 75 फीट ऊंचा है, जिस पर स्वर्ण कलश स्थापित है। अब यह मंदिर ‘मां वैष्णो धाम आदर्श नो दुर्गा मंदिर और बाबा खाटू श्याम मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *