पुलिस कांस्टेबल की बेटी मध्य प्रदेश के छोटे गांव से आकर पाकिस्तान को मिट्टी में मिला गई, कौन है वर्ल्ड कप में बवाल काटने वाली क्रांति गौड़?

महिला वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को 88 रन से पटक दिया है। टीम इंडिया का वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के ऊपर 12-0 का रिकॉर्ड है। टीम इंडिया के 247 रन के जवाब में पाकिस्तान की टीम सिर्फ 159 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम इंडिया की ओर से क्रांति गौड़ ने कमाल का प्रदर्शन किया। क्रांति ने इस मैच में 10 ओवर में सिर्फ 20 रन देकर 3 विकेट हासिल किए और वो प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब भी जीत गईं। यहां तक पहुंचने की क्रांति की यह यात्रा किसी सपने से कम नहीं है।

मुश्किलों में कटा क्रांति का जीवन

क्रांति मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव से आती हैं। उनका गांव छतरपुर के पास घुवारा है। उनके पिता एक रिटायर्ड पुलिस कांस्टेबल हैं। क्रांति ने बहुत संघर्ष किया है। लेकिन अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। क्रांति 6 भाई-बहनों में से एक हैं। उनके पिता एक रिटायर्ड पुलिस कांस्टेबल हैं। कुछ साल पहले उनके पिता को ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया गया था।

क्रांति के बचपन के कोच राजीव बिलथरे हैं। उन्होंने TOI को छतरपुर से बताया। राजीव बिलथरे जिला क्रिकेट संघ के सचिव भी हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं उसे 2017 से प्रशिक्षित कर रहा हूं। उसके पिता उसे मेरे पास लाए और कहा, ‘वह गांव की लड़कियों के साथ क्रिकेट खेलती है। क्या आप उसे कोचिंग दे सकते हैं?’ एक अभ्यास मैच में उसे गेंदबाजी करते देखने के बाद मैं प्रभावित हुआ और मैंने उससे छतरपुर आकर मेरी अकादमी में शामिल होने के लिए कहा।’

मध्य प्रदेश के लिए खेले टूर्नामेंट

क्रांति गौड़ की एक बड़ी ताकत है। वह नियमित रूप से स्टंप्स पर गेंद मारती हैं। क्रांति का उदय बहुत तेजी से हुआ। उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए सभी आयु-वर्ग के टूर्नामेंट खेले। पिछले सीजन में उन्होंने मध्य प्रदेश को नेशनल वुमेन चैंपियनशिप का खिताब जिताया। फाइनल मैच बंगाल के खिलाफ था। उन्होंने उस मैच में 4 विकेट लिए थे। इसमें भारत की विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष का विकेट भी शामिल था। क्रांति अच्छी बल्लेबाजी भी कर सकती हैं। वह एक बहुत ही अनुशासित क्रिकेटर हैं।

चंद्रकांत पंडित ने बनाने में की मदद

क्रांति की खोज में पूर्व भारतीय विकेटकीपर चंद्रकांत पंडित का भी बड़ा हाथ है। उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट में अब तक का सबसे अच्छा कोच माना जाता है। क्रांति ने दिन-रात कड़ी मेहनत की। उन्होंने MPCA के कैंप में हिस्सा लिया। यह कैंप चंद्रकांत पंडित ने चलाया था। पंडित अभी मध्य प्रदेश और कोलकाता नाइट राइडर्स के मुख्य कोच थे। इस कैंप में क्रांति ने अपनी गेंदबाजी में बहुत सुधार किया। यह सब एक साल के अंदर हुआ।

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