फार्म मशीनरी बैंक से आमदनी हुई बेहतर, खेती-किसानी हुई आसान, मिला स्वरोजगार

उत्तर बस्तर कांकेर। जिले में आधुनिक तकनीकी से कृषि करने का विस्तार तेजी से हो रहा है। परम्परागत कृषि पद्धति के स्थान पर आधुनिक और उन्नत तकनीकी से खेती-किसानी का कार्य होने लगा है। गांवों में अब फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना कर ग्रामीण युवाओं और उद्यमियों के लिए स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं उनकी आमदनी बेहतर होने लगी है।

जिला मुख्यालय कांकेर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम कोकड़ी (विकासखण्ड कांकेर) निवासी श्री नरेश कुमार सिन्हा एक युवा कृषक है, जिन्होंने एम.ए तक शिक्षा प्राप्त कर खेती-किसानी को अपनाया है, उनके पास खेती का रकबा 6 एकड़ है, जिसमें वर्ष 2024 के पहले परम्परागत ढंग से कृषि कार्य करते हुए मात्र 03 लाख रूपये तक की आय प्रतिवर्ष अर्जित करते थे। उक्त परम्परागत पद्धति से कृषि कार्य करने से उत्पादन लागत अधिक एवं मुनाफा कम होता था, वहीं कृषि कार्य भी समय पर संपादित नहीं हो पाता था। जुलाई 2024 में कृषि अभियांत्रिकी कृषि विभाग के संपर्क में आकर कृषि यांत्रिकीकरण सबमिशन अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक के तहत उन्होंने कृषि यंत्र सेवा केन्द्र की स्थापना की, जिसके तहत चैन टाइप हार्वेस्टर 01 नग, ट्रैक्टर 01 नग, कल्टीवेटर 01 नग, सीडड्रिल 01 नग, स्प्रेयर 01 नग का क्रय बैंक ऋण के माध्यम से किया गया, जिसकी कुल लागत रूपये 42 लाख 42 हजार 500 है, जिसमें कृषि अभियांत्रिकी छ.ग. शासन से 10 लाख रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ।

किसान श्री सिन्हा ने बताया कि वर्तमान में उन्नत तकनीक से खेती कर वे अधिक मुनाफा प्राप्त कर रहे हैं एवं क्षेत्र के ग्राम कोकड़ी, तारसगांव, पिपरौद, नथियानवागांव, गौरगांव, पेटोली, पांडरवाही, बोदेली, लखनपुरी, अरौद, साल्हेटोला, पंडरीपारा, जैसाकर्रा, मललडोबरी, मनकेशरी, गढ़पिछवाड़ी, शाहवाड़ा के लगभग 455 कृषक फार्म मशीनरी बैंक के यंत्रों, मशीनों को किराये से प्राप्त कर उन्नत तकनीक से कृषि कार्य कर रहे हैं। इनसे वे धान कटाई, मिंजाई हेतु हार्वेस्टर का उपयोग करते हैं खरीफ एवं रबी फसल हेतु खेत की तैयारी समय पर उन्नत कृषि यंत्र से संपादित हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि फार्म मशीनरी बैंक में उपलब्ध मशीनों के किराए से कुल  35 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई जिसमें डीजल, मरम्मत एवं अन्य कार्यां पर 21 लाख 5 हजार रुपए व्यय हुआ एवं 13 लाख 95 हजार रुपए की शुद्ध आय प्राप्त हुई, जिससे बैंक को 7 लाख 87 हजार रुपए का ऋण रिपेमेंट किया गया है। इस तरह फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से क्षेत्र के कृषक उन्नत तकनीक से कृषि कर अधिकतम फसल उत्पादन कर रहे हैं और अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। 

किसान सिन्हा ने शासन की उक्त योजना के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि फार्म मशीनरी बैंक के जरिए उन्नत एवं आधुनिक तकनीकी कृषि करने से स्वरोजगार के साथ-साथ आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम भी हुए। कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा अधिक से अधिक क्षेत्र के लघु एवं सीमांत कृषकों को किराये पर उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध कराने कहा गया है।

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