अरमानों पर पानी न फेर दे सोने की मांग, ज्वेलर्स की चेतावनी समझिए, इस डर के चलते पहले ही बुकिंग करा रहे लोग

नई दिल्ली: सोने की कीमत इस समय आसमान छू रही है। यह इस समय अपने रेकॉर्ड हाई लेवल पर है। इसके बावजूद सोने की मांग में कोई कमी नहीं आ रही है। लोग लगातार सोना खरीद रहे हैं। इसके चलते भारतीय ज्वेलर्स ने चेतावनी दी है। ज्वेलर्स का कहना है कि सोने की मांग में तेजी के कारण इसकी सप्लाई में कमी आ सकती है। ऐसा हुआ तो काफी लोगों को सोना खरीदने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमत 700 रुपये उछलकर 1.24 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रेकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई। वहीं वैश्विक स्तर पर मंगलवार को सोने की कीमत करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। अमेरिका में वित्त पोषण को लेकर विवाद के बीच विभिन्न विभागों में कामकाज ठप होने और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में और कटौती की बढ़ती संभावनाओं के साथ सोने में तेजी आई

लोगों में किस बात का डर?

सोने के भाव हर दिन नए रेकॉर्ड बना रहे हैं। ऐसे में खरीदार कम से कम कीमत पर गहने खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं। उन्हें डर है कि सोने की कीमत आगे और बढ़ सकती है। बिजनेसलाइन के मुताबिक चेन्नई की NAC Jewellers के चेयरमैन एन. अनंत पद्मनाभन कहते हैं कि सोने की मांग गहनों से ज्यादा निवेश के लिए है।

इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार जैन बताते हैं कि जिन परिवारों में शादियां हैं, वे सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी के डर से किसी भी कीमत पर गहने खरीद रहे हैं। इसके अलावा इंडस्ट्री को उम्मीद है कि धनतेरस इस साल का सबसे अच्छा सीजन साबित होगा। लोग आने वाले त्योहारों में कीमतों में और वृद्धि की आशंका के चलते पहले से ही प्री-बुकिंग करा रहे हैं।

अभी क्या है स्थिति?

अभी सोने की कीमत स्थिर बनी हुई है। कुमार जैन कहते हैं कि अगर मांग का यह रुझान जारी रहा, तो उन्हें बाजार में सोने की सप्लाई में कमी की उम्मीद है, हालांकि अभी सप्लाई स्थिर है। फिलहाल, सोने पर प्रीमियम लगभग 8 से 13 डॉलर प्रति औंस (28 ग्राम) चल रहा है। यह पिछले महीने की तुलना में एक बड़ा बदलाव है, जब सोने पर 8 डॉलर की छूट मिल रही थी

सोने का आयात हुआ धीमा

Augmont की हेड ऑफ रिसर्च रेनिषा चैनानी कहती है कि ऊंची वैश्विक कीमतों, अस्थिर मुद्रा बाजार और सप्लाई में रुकावटों के कारण सोने का आयात धीमा हो गया है। उन्होंने बताया कि रिफाइनर्स और बड़े व्यापारियों के पास सीमित स्टॉक है। सप्लाई और मांग में एक बेमेल है। यह कमी बढ़ती स्पॉट प्रीमियम में दिख रही है, जो ऊंचे मूल्य स्तरों के बावजूद मजबूत मांग को दर्शाती है।

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