विश्व डाकघर दिवस पर विद्यार्थियों ने किया डाकघर का शैक्षणिक भ्रमण

सूरजपुर। विश्व डाक दिवस के अवसर पर शासकीय माध्यमिक शाला, पतरापाली के विद्यार्थियों ने स्थानीय पतरापाली डाकघर का शैक्षणिक भ्रमण किया। यह दिवस प्रतिवर्ष 9 अक्टूबर को मनाया जाता है, जो 1874 में स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की स्थापना की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। 

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने डाकघर में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने देखा कि कर्मचारी किस प्रकार बाहर से आने वाले एवं प्रेषित किए जाने वाले पत्रों को छाँटकर डाक के लिए तैयार करते हैं। शिक्षक एवं डाक कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि डाक को मुख्यतः तीन स्तरों का स्थानीय, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कथा विभाजित कर वितरण के लिए भेजा जाता है। विद्यालय के शिक्षक कृष्ण कुमार यादव ने विद्यार्थियों को डाक विभाग के विविध कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि डाक विभाग न केवल पत्र व्यवहार बल्कि स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, बैंकिंग एवं बीमा सेवाओं जैसे अनेक क्षेत्रों में भी कार्य करता है। उन्होंने ऐतिहासिक जानकारी देते हुए बताया कि भारत में प्रथम डाक व्यवस्था वर्ष 1766 में लार्ड क्लाइव द्वारा प्रारंभ की गई थी, जबकि प्रथम डाकघर 1774 में वारेन हेस्टिंग्स द्वारा कोलकाता में स्थापित किया गया था। 

वहीं शिक्षिका सविता साहू ने विद्यार्थियों को डाक सेवाओं के विकास की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय के साथ रेल डाक, पार्सल पोस्ट, मनीऑर्डर, टेलीग्राम, मीडिया डाक, बिजनेस पोस्ट, ई-पोस्ट, इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर तथा बालिकाओ के लिए सुकन्या समृद्धि योजना जैसी अनेक आधुनिक सेवाएँ प्रारंभ की गईं। विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान विभिन्न प्रकार के लिफ़ाफ़ों, डाक टिकटों एवं रजिस्ट्री प्रक्रिया को बारीकी से समझा। इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को न केवल डाक विभाग के कार्यों की जानकारी मिली, बल्कि संचार प्रणाली के ऐतिहासिक महत्व के प्रति भी उनकी जिज्ञासा बढ़ी।

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