नेशनल पेंशन सिस्टम और अटल पेंशन योजना बना रहा है रिकार्ड, AUM पहुंचा इतने पर

नई दिल्लीसरकारी कर्मचारियों (Government Employees) को आजीवन पेंशन उपलब्ध कराने के लिए साल 2004 में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की शुरुआत की गई थी। उसके बाद असंगठित क्षेत्र के कामगारों को पेंशन उपलब्ध कराने के लिए साल 2010-11 में स्वावलंबन योजना की शुरुआत की गई थी। इसे ही साल 2025 में अटल पेंशन योजना (APY) के नाम से रीलॉन्च किया गया। इन दोनों योजना का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 16 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को दी है। इन दोनों प्रमुख पेंशन योजनाओं के ग्राहकों की संख्या भी 9 करोड़ से अधिक हो गई है।

पेंशन यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव

वित्त मंत्रालय का कहना है "भारत की पेंशन यात्रा में यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, क्योंकि ग्राहकों की संख्या 9 करोड़ से अधिक हो गई है।" उल्लेखनीय है कि पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS को और मजबूत बनाने और पेंशन को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए कई खास कदम उठाए हैं। इनमें से एक है मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF), जो 1 अक्टूबर, 2025 से लागू होगा। इससे लोगों को निवेश के ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

गिग वर्कस भी एनपीएस से कवर्ड होंगे

मंत्रालय ने आगे बताया, "इसके अलावा, NPS प्लेटफॉर्म वर्कर्स मॉडल भी लाया गया है, जो गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर) को कवर करेगा। साथ ही, NPS में बड़े बदलावों के लिए एक कंसल्टेशन पेपर भी जारी किया गया है। इसमें रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम को बढ़ाने के लिए किश्तों में भुगतान और लचीले एन्युटी (पेंशन) विकल्प शामिल करने का प्रस्ताव है।" इसके अलावा, किसानों, छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) के कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों (SHG) के सदस्यों और अन्य असंगठित क्षेत्र के लोगों तक पेंशन का दायरा बढ़ाने के लिए खास अभियान चलाए जा रहे हैं।

पीएफआरडीए का विशेष ध्यान

यह दिखाता है कि PFRDA लोगों को जोड़ने, योजनाओं में लचीलापन लाने और लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। सरकार ने कहा है कि इस उपलब्धि के साथ, PFRDA सभी भारतीयों के लिए बुढ़ापे में आय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।

नाबालिगों का भी खुल रहा है एनपीएस खाता

अब नाबालिगों का भी एनपीएस खाता खुलने लगा है। इनके लिए विशेष तौर पर एनपीएस वात्सल्य की शुरुआत की गई है। यह छोटे बच्चों के लिए रिटायरमेंट सेविंग प्लान है। इसका भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने संसद को बताया था कि NPS वात्सल्य योजना के तहत 1.3 लाख नाबालिगों का नामांकन हुआ है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि पिछले साल सितंबर से 3 अगस्त तक NPS वात्सल्य योजना में 130,000 नाबालिग ग्राहकों को जोड़ा गया।

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