इंदौर में कुएं और बावड़ियों पर अवैध कब्जा कर बनाई दरगाह-मजारों, पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई

इंदौर ।  बेलेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी हादसे के सप्ताहभर बाद भी कुएं और बावडियों पर अवैध कब्जा कर बनाई गई दरगाह और मजारों के खिलाफ जिला प्रशासन और नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की है। हादसे के बाद सर्वे में ऐसे कई कुएं और बावडियां सामने आए हैं, जिन पर अवैध निर्माण हो चुके हैं। ऐसे कुएं-बावड़ी भी मिले जिनके आसपास या उनके ऊपर दरगाह और मजारें बनी हुई हैं। अतिक्रमण की वजह से कुएं और बावडियां नजर तक नहीं आ रहे हैं। इन जल स्रोतों को अवैध तरीके से कब धार्मिक स्थल बना दिया गया यह किसी को नहीं पता। इन स्थानों को लेकर जिला प्रशासन के पास शिकायत भी पहुंची थी। हिंद रक्षक संस्था ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर शहर के अलग-अलग हिस्सों के कुओं की जानकारी दी है जिनसे लगकर दरगाह या मजार बना दी गई है। संस्था ने शिकायत में कहा था कि रेडियो कालोनी मेनरोड स्थित कुएं के पास अवैध निर्माण कर दरगाह बना दी गई है। हजरत सैयद मेहंदी अली शाह रह अलैह की दरगाह में कुएं को दबा दिया गया है। इसी तरह बक्षीबाग में बावड़ी के पास मजार बना दी गई। ऐसे ही रावजी बाजार पुलिस थाने के पीछ भी कुएं से लगकर मजार बना दी गई। इसी तरह का अतिक्रमण संवाद नगर कुएं पर भी किया गया है। संस्था ने इन कुओं को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की थी।

नगर निगम कर रहा सर्वे, जल्द कार्रवाई करेंगे

कुएं-बावड़ी या अन्य किसी भी जलस्रोत पर अतिक्रमण कर कोई धार्मिक स्थल बनाया गया है तो उन सभी जगह पर कार्रवाई की जाएगी। इनमें मंदिर के साथ दरगाह और मजार भी शामिल हैं। जहां-जहां की शिकायत मिली है, उसकी जांच करवाकर इसे निष्कर्ष तक ले जाएंगे। इस बारे में नगर निगम सर्वे कर रहा है। सभी पक्षों से बात करेंगे, इसके बाद कार्रवाई करेंगे।

– इलैया राजा टी, कलेक्टर

खासगी का बगीचा में कुएं पर अतिक्रमण की तैयारी थी। भवन स्वामी ने भवन निर्माण के दौरान कुएं की मुंडेर पर अवैध रूप से कालम बना लिया था। सूचना मिली तो निगम की टीम मौके पर पहुंची और कालम हटाया। भवन स्वामी का नाम ईशान मिश्रा है। उन्हें चेतावनी दी गई है कि दोबारा इस तरह से अतिक्रमण न करें। कार्रवाई के दौरान भवन अधिकारी विवेक जैन, भवन निरीक्षक तन्मय सिंह मौजूद थे।

रहवासी बोले खुद ही बनाएंगे कुएं की मुंडेर

जैन ने बताया कि मल्हारगंज पुलिस थाने के पीछे महंत काम्प्लेक्स में भी कुआं है। बिल्डर ने इस कुएं पर स्लैब डालकर इसे बंद कर दिया है। यहां बेसमेंट में वाहन पार्क किए जा रहे हैं। निगम की टीम कार्रवाई करती इसके पहले ही रहवासियों ने सूचित किया कि वे स्वयं इस कुएं को संरक्षित करते हुए इसकी मुंडेर बनाने को तैयार हैं। रहवासी कुएं की मुंडेर बनाने के बाद इस पर एक और जाली लगाने को भी तैयार हैं। इस कुएं का इस्तेमाल रिचार्जिंग पाइंट के रूप में हो रहा है। जैन ने बताया कि इसके बाद कार्रवाई रोक दी गई।

स्नेहलतागंज में मिले कुएं के तीनों तरफ लगाई पतरे की चद्दर

इधर नगर निगम की टीम ने गुरुवार को स्नेहलतागंज क्षेत्र में मिले कुएं के तीनों तरफ सुरक्षा की दृष्टि से पतरे की चद्दर लगा दी है। सड़क पर बने इस कुएं के एक तरफ मल्टी है। सड़क निर्माण के दौरान इस पर स्लैब डाल दी गई थी। स्लैब अब भी मजबूत थी लेकिन इसके सरिए सड़ने लगे थे। गुरुवार रात तक नगर निगम की टीम ने कुएं को खोल दिया था। इसमें पानी मिला है। शुक्रवार को सुरक्षा की दृष्टि से इसे पतरे की चद्दरों से घेर लिया गया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *