सरकारी आवास न छोड़ने वालों पर सख्ती की तैयारी:निजी भूमि स्वामियों की जमीन पर बिजली लाइन डालने पर राहत देगी सरकार

प्रदेश में बिजली कंपनियों द्वारा बिछाई जाने वाली हाईटेंशन लाइन में आने वाली निजी जमीन के मालिकों को सरकार बदले में राशि देने की तैयारी में है। इसको लेकर आज मोहन कैबिनेट फैसला करने वाली है। इसके साथ ही राजधानी में सरकारी आवास आवंटित होने और तबादले के बाद भी आवास रिक्त न करने के मामले में मोहन कैबिनेट में आज फैसला होगा। इसके लिए दस गुना किराए के अलावा तीस प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क वसूली का निर्णय लिया जा सकता है।

राजधानी में अलग-अलग विभागों में पदस्थ अधिकारियों द्वारा शासकीय आवास आवंटित होने के बाद दूसरे जिलों में स्थानांतरण के बाद भी आवंटित आवास रिक्त नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में यहां पदस्थ होने वाले नए अफसरों को आवास आवंटन में दिक्कत होती है। इसे देखते हुए आज मोहन कैबिनेट इन आवासों की किराया राशि को लेकर बड़ा फैसला कर सकती है।

दरअसल अभी पदस्थापना से हटने के बाद दस गुना किराया देने का प्रावधान है जो सरकारी आवासों के किराए के हिसाब से काफी कम होता है। इसलिए अधिकारी दस गुना किराया दे देते हैं लेकिन आवास खाली नहीं करते। इस पर रोक के लिए यह प्रस्ताव आज कैबिनेट में आने वाला है।

मोहन कैबिनेट में इन मुद्दों पर होगा फैसला

  • प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत प्रदेश में जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चिन्हित पीवीटीजी समूहों के विद्युतीकरण के लिए विद्युत वितरण कंपनियों की दूसरे चरण की अतिरिक्त कार्ययोजना पर चर्चा।
  • बकस्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड का एक नया पद उनके लिए अपेक्षित अमले सहित सृजन करने को मंजूरी।
  • तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के अंतर्गत कार्यभारित और आकस्मिकता निधि में नियुक्त स्वीपर विजय गुजराती, हेल्पर शारदा माली, कुली छोगालाल, स्वीपर स्व. इंदर चांगरे को हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर क्रमोन्नति वेतनमान दिए जाने के संबंध में फैसला।
  • प्रदेश में हाईटेंशन वितरण लाइन बिछाने के कारण निजी भूमि-स्वामियों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि निर्धारण के संबंध में चर्चा।
  • भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 में संशोधन के विषय में फैसला।
  • महिला और बाल विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष जनजातीय क्षेत्रों में 28 नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने, संचालन और पदों के सृजन तथा आंगनबाड़ी भवनों को मंजूरी दी जाएगी।
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