एमआईसी मेंबर बोले-:ऐसी क्या मलाई कि ट्रांसफर के बाद अधिकारी रिलीव नहीं हो रहे

नगर निगम परिषद की बैठक में गुरुवार को अफसर एक बार फिर पार्षदों के निशाने पर रहे। एमआईसी सदस्य जितेंद्र शुक्ला ने सवाल उठाया कि अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान और सहायक आयुक्त एकता अग्रवाल का ट्रांसफर हुए चार महीने बीत चुके हैं, फिर भी उन्हें रिलीव नहीं किया गया।

शासन के निर्देशों की अवहेलना करते हुए इन अफसरों को अब भी वेतन दिया जा रहा है। शुक्ला ने कहा- “नगर निगम में ऐसी क्या मलाई है कि ट्रांसफर के बाद भी अफसर रिलीव नहीं हो रहे?”

कांग्रेस पार्षद अजीजुद्दीन ने भी इस मुद्दे का समर्थन किया। पक्ष-विपक्ष दोनों के पार्षद अपनी सीट से उठकर अफसरों को रिलीव करने की मांग करने लगे। इस पर परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कमिश्नर संस्कृति जैन को निर्देश दिए कि दोनों अधिकारियों को रिलीव करें। कमिश्नर ने कहा कि दोनों के पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं, इसलिए कुछ समय चाहिए।

बैठक में मुख्य एजेंडा निपटने के बाद भाजपा पार्षद प्रताप वारे ने निगम में कोटेशन बुलाकर हो रहे कामों पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि “सीवेज चैंबर का ढक्कन बदलने तक के काम कोटेशन पर कराए जा रहे हैं, ऐसे में विकास कैसे होगा?” भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने इंजीनियरों के बीच कामकाज के बंटवारे का मुद्दा उठाया, जिस पर अध्यक्ष ने व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।

कोटेशन से काम पर भाजपा-कांग्रेस दोनों की आपत्ति

बैठक की शुरुआत में प्रश्नकाल में कांग्रेस पार्षद शिरीन खान ने उद्यानिकी विभाग में हुए कामों के संबंध में सवाल पूछा। एमआईसी अशोक वाणी ने बताया कि फरवरी में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) से अब तक उद्यानिकी से जुड़े काम कोटेशन के आधार पर कराए गए हैं, जिनकी कुल राशि 22 लाख रुपए है।

इस पर भाजपा पार्षद सुरेंद्र बाड़िका और पप्पू विलास घाड़गे ने आपत्ति जताई। कांग्रेस से नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी और गुड्डू चौहान ने भी इसे घोटाला बताया। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने निगम कमिश्नर को पूरे मामले की जांच करने और अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कांग्रेस के विरोध और हंगामे के बीच बैरसिया के बांदीखेड़ी प्रोजेक्ट को 20 लाख लीटर पानी रोजाना सप्लाई करने को परिषद ने पास कर दिया।

भास्कर में छपे ये मुद्दे परिषद बैठक में उठे…

  • 9 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित: अपर आयुक्त की पॉवर घटी… अब सिर्फ 5 लाख तक की फाइल साइन कर सकेंगे। महापौर ने कहा कि अपर आयुक्तों को वापस 50 लाख तक की स्वीकृति के अधिकार देंगे।
  • 12 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित: 22 किलोमीटर खुद ड्राइव कर घूमे एसीएस, इनमें से 25% सड़कों पर गड्ढे। अफसर बोले- ये तो पीडब्ल्यूडी की रोड।
  • महापौर ने कहा कि पूरी लिस्ट बन गई है। नगर निगम अपनी सड़कों के गड्ढे जल्द से जल्द भरेगा।
  • 16 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित: 30% शहर की लाइटें खराब, वाहनों की रोशनी का सहारा। महापौर ने माना दीपावली तक शहर के 75% इलाकों में ही स्ट्रीट लाइट जला पाए थे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी और नगर निगम के बीच बंटवारे से गफलत होती थी। अब स्मार्ट सिटी सीईओ अंजू अरुण कुमार को अपर आयुक्त के रूप में नगर निगम की विद्युत शाखा का प्रभारी बना दिया गया है।

बसों पर सवाल- कमिश्नर बोलीं- 30 दिन में चलेंगी 70 और बसें कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने बीसीएलएल की बसों के संचालन पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि हालात कैसे सुधरेंगे। इस पर कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि अगले 30-40 दिनों में 70 और बसें संचालित होने लगेंगी। एक कंपनी से बात चल रही है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *