भोपाल मेट्रो का एक और ठिगना स्टेशन:केंद्रीय विद्यालय मेट्रो स्टेशन भी डेढ़ फीट छोटा बना दिया, अब सड़क को खोदकर ऊंचाई बढ़ा रहे

भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में एक और बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रोजेक्ट के प्रॉयोरिटी रूट में आ रहे केंद्रीय विद्यायल स्टेशन (आरबीआई के सामने) की ऊंचाई तय मानक से कम रह गई है। ऐसे में ऊंचे भारी वाहन और ओवरलोड डंपर यहां फंस सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए अब यहां रोड को खोदकर स्टेशन की ऊंचाई बढ़ाने की जद्दोजहद की जा रही है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि एमपी नगर से सुभाष नगर की ओर जाने वाली रोड जिस जगह पर खोदी जा रही है, वहां स्टेशन की मौजूदा ऊंचाई 5 मीटर ही है।

लिहाजा अब रोड को करीब 0.5 मीटर(1.64 फीट) खोदा जा रहा है ताकि स्टेशन की ऊंचाई रोड की सतह से 5.5 मीटर हो सके। मौजूदा स्थिति में सामान्य डंपर तो गुजर सकते हैं लेकिन ओवरलोड डंपर और अधिक ऊंचाई वाले ट्रॉले यहां से नहीं गुजर पाएंगे। गौरतलब है कि ऐसी ही स्थिति प्रगति चौराहे के पास बने एमपी नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे की सड़क में भी बनी थी। करीब 45 करोड़ खर्च कर एमपी नगर मेट्रो स्टेशन बनाने के बाद इतनी भी जगह नहीं बची थी, जिसमें से कोई लोडेड डंपर भी गुजर पाए।

मेट्रो का तर्क: रोड को लेवल में कर रहे हैं

मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अफसरों का कहना है कि स्टेशन के पास सड़क दोबारा बनाई जाना है। एमपी नगर से डिपो की ओर जाने वाली सड़क को उसी लेवल में लाया जा रहा है, जिस लेवल में डिपो से एमपी नगर की ओर आने वाली सड़क है। इसी के तहत सड़क खोदने का काम किया जा रहा है।

ट्रैफिक डायवर्सन पर भी सवाल

सुभाष नगर डिपो, सुभाष नगर स्टेशन और केंद्रीय विद्यालय स्टेशन के सिविल वर्क में करीब ढाई साल लगे। आसपास के ट्रैफिक को 15 महीने से ज्यादा डायवर्ट करना पड़ा। जानकारों का कहना है कि रोड निर्माण साथ में कर लिया जाता तो दोबारा ट्रैफिक डायवर्सन की जरूरत नहीं पड़ती।

अस्थायी रोड बनाने के बाद शुरू काम

मेट्रो की डायवर्सन मांग पर ट्रैफिक पुलिस की सलाह से निर्माण एजेंसी ने सड़क के समानांतर अस्थायी सड़क बना दी। इससे ट्रैफिक डायवर्ट करने की जरूरत कम हुई और एमपी नगर, अरेरा हिल्स के आसपास वाहनों का फंसना टल गया।

28 दिन चलेगा सड़क दुरुस्त करने का काम

सड़क को दुरुस्त करने के लिए निर्माण एजेंसी ने हमसे डायवर्सन अनुमति मांगी थी। हमारी सलाह के बाद गेट्रो में समानांतर वैकल्पिक सड़क बना दी है। इसलिए उन्हें निर्माण की अनुमति दे दी गई। यह काम दो चरणों में 28 दिन में पूरा होगा। 

– जितेंद्र सिंह पवार, डीसीपी ट्रैफिक

मेट्रो प्रबंधन येड रेस्टोरेशन का काम कर रहा है, जिसे निर्माण एजेंसी से हुए करार के तहत ही किया जा रहा है। जनसुविधा की दृष्टि से इसे जल्द पूरा करने के लिए मेट्रो प्रबंधन को कहा जाएगा।

संकेत भोंडवे, कमिश्नर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *