3 बीघा जमीन बेचकर पढ़ने भेजा था, अब रूस में मिला MBBS छात्र अजीत चौधरी का शव, पढ़ें अलवर के किसान परिवार की दर्दभरी कहानी

अलवर: राजस्थान के किसान परिवार ने अपनी तीन बीघा जमीन बेचकर बेटे के सुनहरे भविष्य के सपने देखे थे, उम्मीद थी कि एक दिन वह डॉक्टर बनकर लौटेगा और परिवार का मान बढ़ाएगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अलवर जिले के कफनवाड़ा गांव के 22 वर्षीय अजीत चौधरी , जो रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था, अब शनिवार को उसका शव लौटेगा। 19 दिन से लापता अजीत का शव रूस की व्हाइट रिवर के पास मिला है। परिजनों की उम्मीदें अब दर्द में बदल चुकी हैं, जिन आंखों ने बेटे की सफलता का सपना देखा था, अब वही आंखें नम हैं।

रूस में पढ़ाई कर रहा था तीसरे वर्ष का छात्र

अजीत चौधरी रूस के ऊफा शहर स्थित बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (Bashkir State Medical University) में एमबीबीएस के तीसरे वर्ष का छात्र था। कॉलेज कैंपस से कुछ किलोमीटर दूर बहने वाली नदी के पास वह 19 अक्टूबर को लापता हो गया था। अगले दिन नदी किनारे उसके कपड़े मिले, जिसके बाद सर्च अभियान शुरू हुआ था। लगातार प्रयासों के बावजूद 19 दिन तक उसका कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन अब उसका शव मिलने से परिवार की उम्मीदें टूट गईं।

3 बीघा जमीन बेचकर भेजा था बेटे को विदेश

परिजनों के अनुसार, अजीत का परिवार 20 बीघा जमीन का मालिक है। बेटे की पढ़ाई के लिए उन्होंने 3 बीघा जमीन बेच दी थी। अजीत का छोटा भाई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। परिवार को उम्मीद थी कि अजीत डॉक्टर बनकर घर का नाम रोशन करेगा, लेकिन अब वह सपना अधूरा रह गया।

शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू

अलवर सरस डेयरी के चेयरमैन नितिन सांगवान ने बताया कि शव की पहचान यूनिवर्सिटी के छात्रों ने की है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शव को अलवर पहुंचने में दो दिन लग सकते हैं। शव लाने में लगभग 6 लाख रुपये का खर्च आएगा।
न्यूयॉर्क स्थित राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA) के अध्यक्ष प्रेम भंडारी इस खर्च को इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड से दिलाने के प्रयास में जुटे हैं। परिजनों ने भी भंडारी को रूस में पूरी प्रक्रिया संभालने की जिम्मेदारी सौंपी है।

विदेश मंत्री से मिले थे परिजन

कुछ दिन पहले अजीत के परिजन, नितिन सांगवान के नेतृत्व में दिल्ली पहुंचे थे और विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह से मुलाकात की थी। मंत्री ने रूस स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया था, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन तेज हुआ। अब शव मिलने के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं और पूरे गांव में शोक की लहर है।

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