राम–रामायण जीवन के आधार : अमर सुल्तानिया

जांजगीर-चाम्पा। सादगी, सेवा और संस्कार से ओतप्रोत व्यक्तित्व के धनी भाजपा नेता अमर सुल्तानिया इन दिनों क्षेत्र के विविध धार्मिक आयोजनों में अपनी सहभागिता के माध्यम से भक्ति और लोकसेवा का सुंदर संगम प्रस्तुत कर रहे हैं।हाल के दिनों में वे खैरा, घुठिया, सुकली, चोरभट्ठी (जूनाडीह), कर्रा, कुकदा, कांसा, कुथुर जैसे ग्रामों में आयोजित नवधा रामायण में सम्मिलित हुए। इसके साथ ही उन्होंने पेण्ड्री (नवागढ़), सिवनी, तथा चाम्पा नगर में आयोजित भागवत कथा में श्रद्धापूर्वक भाग लिया और पुरानी बस्ती भगत चौक जांजगीर में चल रहे अखण्ड राम नाम सप्ताह यज्ञ में भी सहभागिता की।इन आयोजनों में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अमर सुल्तानिया ने कहा कि राम रामायण जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम केवल इतिहास के नायक नहीं, बल्कि जीवन के आदर्श हैं। उन्होंने सत्य, त्याग और कर्तव्य की मर्यादा में रहकर समाज को ‘सर्वजन सुखाय, सर्वजन हिताय’ का मार्ग दिखाया। रामायण हमें यह सिखाती है कि जीवन में मर्यादा, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा ही सच्ची भक्ति का रूप है।” सुल्तानिया ने कहा कि भक्ति का अर्थ केवल पूजा नहीं, बल्कि सेवा भी है। जब हम दूसरों के सुख-दुःख में सहभागी बनते हैं, तभी ईश्वर की वास्तविक आराधना होती है। उनका यह भाव समाज के हर वर्ग में गहराई से प्रतिध्वनित हो रहा है। गाँव-गाँव की इस सांस्कृतिक यात्रा में अमर सुल्तानिया जनमानस से जुड़ते हुए न केवल श्रद्धा का संवाद स्थापित कर रहे हैं, बल्कि सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ कर रहे हैं।जांजगीर-चाम्पा की भूमि सदा से संस्कृति और श्रद्धा का केंद्र रही है — यहाँ के भक्तिमय आयोजनों में राम रस और लोकभाव का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जिसमें अमर सुल्तानिया की सक्रिय उपस्थिति अब जनसेवा का प्रतीक बनती जा रही है।

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